सीजी टुडे 24 राजीव कश्यप
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 18 अगस्त की तिथि संभावित है। राज्यपाल तीन मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। तीन नामों में दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल का नाम संभावित है किंतु अनुभव एवं विधानसभा सत्र में लगातार सक्रिय व सरगुजा से सबसे ज्यादा सवाल लगाने वाले विधायक प्रबोध मिंज को लेकर भी विचार मंथन किया जा रहा है जहां एक और राजेश अग्रवाल सरगुजा संभाग से लेकर बिलासपुर संभाग तक प्रभावित करने वाले कांग्रेस के आधार स्तंभ व बडे नेताओं में से एक डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव को हराकर आए हैं साथ ही रणनीतिकारों का यह भी मानना है कि बृजमोहन अग्रवाल के दिल्ली चले जाने पर अग्रवाल समाज से अग्रणी दावेदार के रूप में वे देखे जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले लुण्ड्रा विधानसभा से रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत दर्ज करनेवाले तथा दो बार महापौर रहते हुए नगरीय निकाय के क्षेत्र से खासा अनुभव को देखते हुए राजेश अग्रवाल व प्रबोध मिंज को लेकर संगठन नेतृत्व तथा आलाकमान पशोपेश में फंसी हुई है । यदि तुलनात्मक दृष्टिकोण से भी पार्टी व संगठन देख रही है तो अप्रत्यक्ष रूप से नगर निगम अंबिकापुर का चुनाव भी प्रबोद मिंज के चेहरे को सामने कर लड़ी एवं जीत हासिल की वही लुण्ड्रा कांग्रेश के अभेद किला को धवस्त करने के साथ ही जिला पंचायत के अध्यक्ष उपाध्यक्ष दोनों पद लुण्ड्रा विधानसभा से ही बनाये गए हैं जैसे विभिन्न कारणों को लेकर प्रबोध मिंज भारी नजर आ रहे हैं हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पर इसका विकल्प तलाशने का जिम्मा छोड़ दिया गया है।
हरियाणा की तर्ज पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। हरियाणा फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते
गुरु खुशवंत के नाम की चर्चा
आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब सतनामी समाज के गुरु हैं। वह सतनामी समाज के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक भंडारपुरी गुरु गद्दी के उत्तराधिकारी हैं। भंडारपुरी गद्दी के गुरु बालदास के समाज में प्रभाव के चलते 2013 के चुनाव के दौरान उन्होंने सतनाम सेना पार्टी का गठन कर चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे। अनुसूचित जाति बहुल सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार उतरने से वोटों का समीकरण बिगड़ा और इसका फायदा भाजपा को हुआ। भाजपा ने 10 अनुसूचित जाति की सीटों में से 9 पर जीत दर्ज की थी। साल 2018 के चुनाव में गुरु बालदास की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ गई। जब उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन 2023 के चुनाव के ठीक पहले गुरु बालदास अपने बेटे गुरु खुशवंत साहेब के साथ भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने गुरु खुशवंत साहेब को आरंग से अपना उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे शिव डहरिया को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की थी. भाजपा के रणनीतिकार की माने तो गुरु खुशवंत साहेब को साय सरकार में मंत्री बनाकर भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग के वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
आरएसएस की पसंद गजेंद्र
आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जाना लगभग तय है। चर्चा है कि आरएसएस की तरफ से भी उन्हें मंत्री बनाए जाने का दबाव है। यादव समाज को साधने के लिहाज से भी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दिए जाने की वकालत की गई है। राज्य के ओबीसी वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक जनसंख्या यादव समाज की है। ऐसे में उनकी दावेदारी काफी मजबूत बताई जाती है। यादव समाज ने भी मंत्रिमंडल में समाज का प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है।
