जशपुरनगर।आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात की 103 वा एपिसोड का प्रसारण किया गया।इस मन की बात कार्यक्रम को सुनने के लिए पुरे देश भर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर में टेलीविजन के माध्यम से लोगों के साथ सुना,साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योजनाओं एवं उपलब्धियां को लोगों के साथ साझा किया।रविवार को जिले में इस मन की बात कार्यक्रम को सुनने किए सभी बूथ में कार्यक्रम आयोजन किया गया,वहीं बगिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात एपिसोड को सुनने के लिए भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विष्णुदेव साय शामिल हुए।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश प्रसाद ,रवि यादव, हिरामती पैंकरा,प्रमोद गुप्ता,जमुना सिंह,पार्थो सिंह ,नवरंग साय,रामबिलास राम सहित बड़ी संख्या में मंडल पदाधिकारी मौजूद रहे।श्री साय ने मन की बात कार्यक्रम के बाद शक्ति केंद्र बगिया में हुई बैठक में शामिल हुए।बैठक के दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियां को जन जन तक पहुंचाने की बात कही,वही प्रदेश की कांग्रेस सरकार की विफलताओं को भी लोगों तक पहुंचाने की अपील की।उन्होंने पीएम मोदी द्वारा मन की बात में की गई चर्चा को कार्यकर्ता को साझा करते हुए बताया की नरेंद्र मोदी ने कहा कि सावन कि महीने में सभी ज्योतिर्लिंगों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। हर साल काशी में 10 करोड़ से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। यह हमारे सास्कृति परिचय का भाग है। पीएम मोदी ने दो विदेशी दोस्तों जो कैलिफोर्नियां के रहने वाले हैं का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के बारे में इन दोनों विदेशी दोस्तों ने सुना था, उन्होंने सुना था कि स्वामी विवेकानंद बाबा अमरनाथ के दर्शन करने गए थे। ऐसे में अब वो भी अमरनाथ के दर्शन के लिए भारत आ गए हैं। एक फ्रेंच मूल की महिला से मेरी मुलाकात फ्रांस में हुई थी। ये योगा टीचर हैं। इनकी आयु 100 वर्ष से अधिक है। वह पिछले 40 साल से योग प्रैक्टिस कर रही हैं। अपने 100 साल के आयु का श्रेय वो योग को ही देती हैं। दुनिया में वो भारत के योग विज्ञान का प्रमुख चेहरा बन गई हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पेंटिंग का किया जिक्र
पीएम मोदी ने पेंटिंग का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिस्ट प्रभास भाई ने एक पेंटिंग बनाई है। इस पेंटिंग में दर्शाया गया है कि छत्रपित शिवाजी महाराज जब अपनी कुलदेवी के लिए दर्शन करने जा रहे थे तो क्या माहौल था। हमें अपने धरोहरों को संजोना होगा, अगली पीढ़ी को इसे आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि राघवन जी ने तय किया कि वो अपनी पेंटिंग के जरिए जीव जंतुओं और पेड़ों के चित्र को बनाकर जानकारी को संजोने का काम करेंगे। वे दर्जनों ऐसे पशु-पक्षियों की पेंटिंग बना चुके हैं जो विलुप्त होने के कगार पर हैं। वे इनकी जानकारियों को पेंटिंग के जरिए संरक्षित करते हैं।
अमेरिका ने वापस की कलाकृतियां
अमेरिका द्वारा वापस की गई मूर्तियों को लेकर उन्होंने कहा कि ये मूर्तियां 2500 साल से लेकर 250 साल तक पुरानी कलाकृतिया हैं। उन्होंने बताया कि चोल युग की कई मूर्तियां इसमें शामिल हैं। भगवान गणेश की 1000 वर्ष पुरानी प्रतिमा, उमा महेश्वर की मूर्ति जो 1100 वर्ष पुरानी है, पत्थरों से बनी दो जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां, भगवान सूर्य देव की प्रतिमा को भी अमेरिका ने भारत को लौटाया है। इसमें एक कलाकृति 16वीं-17वीं शताब्दी की है जो समुंद्र मंथन को दर्शाती है। अमेरिकी सरकार का अभार जिन्होंने हमारी बहुमूल्य संस्कृति से जुड़ी कलाकृतियों को लौ
टाया है।
