Current Date:03 Jun 2026





पीजी काॅलेज अम्बिकापुर के प्रोफेसर द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में एबीवीपी ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

कॉलेज परिसरों में बढ़ती असामाजिक गतिविधियां, लव जिहाद पर रोक लगाने की मांग

पीजी काॅलेज अम्बिकापुर के प्रोफेसर द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में एबीवीपी ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सीजी टुडे 24 विष्णु देव पांडे अंबिकापुर
सरगुजा जिले के अंबिकापुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कॉलेज परिसरों में लगातार बढ़ रही असामाजिक गतिविधियों, लव जिहाद के मामलों और हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान जैसी घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान परिषद कार्यकर्ता राजीव गांधी पीजी कॉलेज के प्राचार्य कक्ष पहुंचे और वहां हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही प्राचार्य महोदया को एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रोफेसर द्वारा देवी काली के अपमान का भी किया विरोध
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने राजीव गांधी पीजी कॉलेज, अंबिकापुर के एक प्रोफेसर एचओडी महर द्वारा हिंदू धर्म की पूजनीय देवी काली मां के संबंध में की गई अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने देवी काली को “सबसे बड़ा शैतान” कहा, जो करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं एवं आस्था  को ठेस पहुँचाने वाला है और एक शिक्षक की गरिमा के सर्वथा विपरीत है।
ज्ञापन में ये प्रमुख मांगे रखी गईं:
एबीपी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से आठ मांगे रखी गई जिसमें सर्वप्रथम तो संबंधित प्रोफेसर के विरुद्ध तत्काल जांच कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।कॉलेज परिसरों में बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगे।
छात्रावासों में औचक निरीक्षण कर नशीले पदार्थों पर नियंत्रण किया जाए तथा लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया जाये।
सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को धार्मिक सहिष्णुता और संवाद की मर्यादा वह गरिमा बनाए रखने की कड़े दिशा-निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा महाविद्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।महिला कॉलेजों के पास स्थित शराब दुकानों को हटाया जाए।
          इस दौरान सरगुजा जिला संयोजक पलाश पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में ऐसा कृत्य निंदनीय है विद्यार्थी परिषद प्रशासन को चेताना चाहती है कि ऐसे प्रोफेसर पर त्वरित कार्यवाही की जाए उन्हें तत्काल सेवा से निलंबित की जाए नगर मंत्री रॉनी मिश्रा ने कॉलेज को शिक्षा का मंदिर बताते हुए कहा कि यहां किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों, लव जिहाद, धर्मांतरण या हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान की कोई जगह नहीं है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
           आंदोलन में प्रमुख रूप अभाविप प्रदेश सह मंत्री व जिला विद्यार्थी विस्तारक अनंत सोनी जी , नगर सह मंत्री आयुष तिवारी , आस्तिक सिंह , अमित महंत , तुलेश्वर पैंकरा मयंक शुक्ला  , अनीश, राहुल , हार्दिक , श्रेयांश , अनूप व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।