Current Date:03 Jun 2026





पेड़ पौधे है हमारी माँ के समान - इन्दर भगत

सकालो में किया गया वृक्षारोपण का आयोजन

पेड़ पौधे है हमारी माँ के समान - इन्दर भगत
 छत्तीसगढ़ टुडे 24 राजीव कश्यप

प्रखर हिंदूवादी नेता एवं भाजपा जिला मंत्री सरगुजा इंदर भगत के नेतृत्व में वृक्ष मित्र कार्यक्रम पूरे लुण्ड्रा विधानसभा में चलाया जा रहा है, जिसके तारतम्य में विधानसभा क्षेत्र के मंडल दरिमा अंतर्गत ग्राम सकालो में 24 समूहों के ग्राम संगठन नया सवेरा आजीविका के लगभग 100 महिलाओ के 250 से अधिक पौधे लगाया गया। इस कार्यक्रम के दौरान इन्दर भगत ने पेड़ - पौधों का हमारी संस्कृति में और हमारे दैनिक जीवन में विशेष महत्व के बारे में बताया, साथ ही उन्होंने यह भी बताया बढ़ती जनसंख्या और बढ़ती आधुनिकता के बीच पेड़ और पौधों का महत्व क्या है उन्होंने यह भी बताया कि हमारे जीवन में पेड़ और पौधे किस तरह से औषधि, भोजन इत्यादि जरूरतों को पूर्ण करता है। आज बढ़ते उद्योग की वजह से वनों की बहुत ही ज्यादा मात्रा में कटाई होती जा रही है, जिसके कारण हमारे ग्लोबल वार्मिंग पर बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है, जिसके कारण हम देख रहे हैं कि वर्षा कम होती जा रही है और तापमान बढ़ता जा रहा है, इन सब को बताते हुए उन्होंने पेड़ और पौधों को एक माँ का दर्जा दिया, जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन पोषण एवं सुख सुविधाओं का ध्यान रखती है उसी प्रकार हमारे बीच एक पेड़ एक मां की तरह हमारा ध्यान रखते हैं, कभी शुद्ध वायु दे करके, कभी जड़ी-बूटी या औषधि दे करके, कभी भोजन के रूप में कभी फल इत्यादि अनेक तरह से यह मां की तरह ही हमारी देखभाल करते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह भी किया कि जिस प्रकार हम अपनी माताओं का ध्यान रखते हैं उसी प्रकार हम अपने अगल-बगल हो रहे पेड़ पौधों का भी ध्यान करें और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें जिससे भविष्य में आने वाले ग्लोबल वार्मिंग की समस्याओं से हमारे आने वाली पीढ़ी को निजात मिल सके। कार्यक्रम को पूरन सिंह टेकाम, समीर मंडल ने भी संबोधित किया।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरपंच पूनम सिंह टेकाम, इंद्रदेव सिंह भंडारी, सुमित गुप्ता, प्रशांत गोलदार, विजय मिस्त्री, अविनाश चंदेल, अमृत, तपन, महिला समूह की महिलाएं एवं अध्यक्ष कल्पना सिंह, सचिव इलिमा राय, कोषाध्यक्ष नंदिनी, अनुराधा पैकरा, दिव्या, अनीता, कामिनी, मानवत्ति ,ज्योति, चंचला राय, दीपा मंडल, भगवती, प्रमिला, कुमारी बाई, रीना, यशोदा, पान कुंवर, निर्मला, गीता, दीपाली, अनीता, मनीला, सीखा गाईन, शांति, इंद्र कुंवर, मुन्नी, चंपा, कविता, कंचन, कलावती, ललिता, पुष्पा, सुभद्रा, सुमित्रा समस्त समूहों के महिला सदस्य भी उपस्थित रहे