सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर के गंगापुर में स्थित अंग्रेजी शराब सहित गाड़ाघाट वह पूरे जिले भर में मिलावटी शराब बेचने का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है गौरतलब हो कि हाल ही में भगवानपुर में कीड़ा गाड़ाघाट में सील मशीन इत्यादि की जब्ती तथा बतौली में भी शराब में कीड़ा निकलने की घटना घटित हो चुकी है ऐसे में शराब प्रेमियों का कहना है कि यदि सरकार इस तरह से मिलावटी कर शराब बेचेगी तो जब अंदर छिपकली निकल सकता है तो फिर जहर इत्यादि भी हो सकता है जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी संभावित है ऐसे में प्रशासन द्वारा समय-समय पर छापा मार महज कागजी खानापूर्ति करते हुए एक दो निर्दोषों के ऊपर कार्यवाही कर मुख्य सरगना तक पहुंच ही नहीं पाती या फिर पहुंचना ही नहीं चाहती चाहे वह पुलिस की बात करें या फिर आबकारी विभाग की या फिर संबंधित कुछ अधिकारियों तक ईश्वर इस ओर कोई ध्यान देना मुनासिब नहीं समझते हैं और मात्र कुछ अवैध कमाई के चक्कर में ऐसे लोगों को कथित तौर पर संरक्षण प्रदान कर रहे हैं जिससे किसी की जान भी जा सकती है किंतु सब बातों से जानबूझकर अनजान बन शासन व प्रशासन कुंभकर्णीय नींद में सोए हुए हैं सबसे महत्वपूर्ण व मुख्य बात तो यह है कि केंद्र से लेकर राज्य तक की सरकार लोकल इज वोकल स्थानीयता को प्राथमिकता देने की दावा करता है किंतु जिले के प्रायः सभी शराब दुकानों में एक भी स्थानीय तो दूर जिले तक के ही नहीं बल्कि प्रदेश तक के बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिला है और रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं जबकि कंपनी द्वारा बिहार झारखंड से व्यक्ति बुलाकर काम कराया जा रहा है जो आए दिन लोगों से गलत बर्ताव के साथ अमानवीय व्यवहार व गाली-गलौज तो करते ही हैं साथ ही पहुंचकर धौस भी दिखाते हैं की जहां शिकायत करना है कर दो हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता
सर्व विदित हो कि देसी शराब दुकानों में औरंगाबाद और यूपी बिहार के लोग ही आकर काम कर रहे हैं और दबंगई के साथ शराब में मिलावटी कर लोगों के जान के साथ बेखौफ होकर खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं
विश्वसनीय सूत्रों व एक नाम ना छापने के शब्द पर सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए बताया कि उक्त सीसी टीवी फुटेज में साफ जाहिर होता है कि यह कर्मचारी किस हद तक जा कर अंग्रेजी शराब दुकान में खुलेआम मिलावटी कर अपने सहित अधिकारियों को मोटी रकम का मुनाफा करा रहे हैं। वही मिलावटी शराब को लेकर नवंबर 2021 में बिलासपुर की आबकारी टीम अंबिकापुर के गंगापुर स्थित शराब दुकान में पहुंचकर छापेमारी की थी उस समय भी आदित्य समय ने इसे प्रमुखता से उठाया था और सवाल किया था कि आखिर क्या जरूरत आ पड़ी की संभागीय टीम को जिला स्तर पर आकर छापा मारने पड़ी
छापेमारी के दौरान उन्होंने करीब 200 सीसी सहित एक पाव रंग बरामद कर प्लेसमेंट के अधिकारी सहित कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही भी की थी इसके बाद कुछ समय के लिए मिलावटी का यह खेल बंद कर दिया गया था किंतु वर्तमान में फिर से अंबिकापुर के शराब दुकानों में बिहार यूपी के लोग आकर अंबिकापुर व अन्य शराब दुकानों में कार्यरत हैं और शराब में मिलावटी का खेल को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं जिले में बैठे उच्च अधिकारी भी इन पर मेहरबान है यह कहना इसलिए उचित होगा कि जब सोशल मीडिया पर ऐसी बातें वायरल हो रही है तब ऐसे में यह क्या जानकारी शासन प्रशासन से छुपी रह सकती है यह आम जनता के समझ से थोडा परे है
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स्थानीय बेरोजगार भटक रहे रोजगार की तलाश मेंबता दें कि सरगुजा जिला ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ में भी बेरोजगारी की मार है ऐसे में कई स्थानीय व सरगुजिया तथा छत्तीसगढ़िया बेरोजगार वह पात्र व्यक्ति आवेदन किया था किंतु
आज पर्यंत अधिकांशतः शराब दुकानों में स्थानीय लोगों की दुकानों में भर्ती तक नहीं हो पाई सरगुजा के कुछ इक्का-दुक्का लोगों का लगा भी तो जीला से बाहर दूरदराज के जिलों में भेज दिया गया और बाहरी लोगों को यहां पनाह दे दिया गया दरअसल अंबिकापुर में स्थित एक अंग्रेजी शराब दुकान का फुटेज का मामला हाल ही में वायरल हो रहा है जिसमें जार के सामने मिलावट की गई शराब सहित बगल में ढक्कन भी दिखाई दे रही है जिनकी तस्वीर खुफिया कैमरे में कैद कर ली गई वही मिली सूत्रों के हवाले से इन शराब दुकानों में उत्तर प्रदेश एवं बिहार से आकर पूर्व ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों के कर्मचारी दुकानों में शराब मिलावटी कर शराब प्रेमीयों के जान से खिलवाड़ कर रहे है इनकी लापरवाही इतना हद तक है की कभी शराब की बोतलों में कीड़े, गंदगी, मट्टी घां, जालियां, चींटियां, आम बात है लेकिन यह जहर से कम नहीं, वही जिले में बैठे प्लेसमेंट अधिकारी, आबकारी अधिकारी की साठ गांठ से यह खेल फल फूल रहा है, जैसे आपको उक्त व्यक्ति जिसके पास सबूत है उसके कथानुसार नाम बताते हुए यह दावा किया है कि नरेंद्र पासवान जो ओरंगाबाद से आकर छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास बनवाकर एवं बिहार के पटना में पढ़ाई किया है और इस खेल को अंजाम दे रहा है, वही उन्होंने रंजय सिंह उर्फ बबलू सिंह की भी दावा करते हुए बताया है कि रायपुर के पंडरी बस स्टैंड अंग्रेजी शराब से ब्लैक लिस्टेड होकर यहां के अधिकारी और पैलस्मेंट के मैनेजर अरुण सिंह के सह पर यह खेल फल फूल रहा है। इतना ही नहीं एक गंगापुर शराब भट्टी नया बस स्टैंड है जो हमेशा कुछ ना कुछ को लेकर विवादों की सुर्खियों में छाये रहता है यहां कार्यरत मैनेजर उपेंद्र चंद्रवासी यह भी झारखंड के रहने वाला है जिसको राजधानी रायपुर के कई दुकानों से भगाया जा चुका है उसे सरगुजा में शरण दिया गया है ताकि अंग्रेजी शराब में मिलावटी कर मोटी रकम कमाई जा सके और नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारी कर्मचारी व नेता मंत्रियों के झोला भर सके बता दें कि सबसे अधिक राजस्व आय करने वाला यह विभाग भी है और इनके मंत्री के तो कहने ही क्या? वायरल वीडियो से साफ जाहिर हो रहा है की इतनी बड़ी मात्रा में पानी का जार उक्त कार्यरत पर्दे के पीछे वाले कर्मचारी मिलाते हुए दिख रहे हैं कि कितनी भारी मात्रा में मिलावट खोरी कमीशन खोरी के साथ अवैध गोरखधंधा का यह जो खेल चल रहा है और वह भी बीना किसी डर भय के जिसका जल्द ही इनकी पूरी खेल के राज का पर्दाफाश करते हुए आदित्य समय अपने सामाजिक सरोकार के दायित्व का निर्वहन करते हुए इनके करतूतों की कुंडली खोल आईना दिखाने का काम और विस्तार से खुलासा करते हुए आम जनता के बीच रख आईना दिखाने का काम करेगा


