Current Date:28 Jun 2026





विशेष गृह अम्बिकापुर में हुआ विधिक साक्षरता शिविर

देश के प्रत्येक नागरिक संविधान का पालन करें तथा उसके आदर्शो, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज तथा राष्ट्रगान का आदर करें-श्री अमित जिन्दल

विशेष गृह अम्बिकापुर में हुआ विधिक साक्षरता शिविर
दिनांक 23.08.2023 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर श्री राम कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के सचिव श्री अमित जिन्दल ने विशेष गृह अम्बिकापुर में जांच / विजिट की तथा विधिक सहायता शिविर का आयोजन कर जानकारी दी कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 30 के खण्ड 13 के तहत लैगिंक रूप से दुव्यवहार से ग्रस्त बालको के पुर्नवास के लिए बाल कल्याण समिति कार्य करेगी तथा धारा 43 के अनुसार बालको के लिए खुले आश्रय का भी प्रावधान है तथा धारा 46 के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर बालक देख रेख संस्था छोडने पर बालक को समाज की मुख्य धारा में पुनः लाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी तथा धारा 57 (4) में यह प्रावधान है कि कोई अकेला रह रहा पुरूष किसी बालिका का दत्तक ग्रहण नही कर सकता। श्री जिन्दल ने यह भी बताया कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 51 - ए समाविष्ट किया गया जिसके तहत नागरिकों के लिए अनेक मूल कर्तव्य बताए गए। जिसमें से एक कर्तव्य यह है कि प्रत्येक नागरिक संविधान का पालन करें तथा उसके आदर्शो, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज तथा राष्ट्रगान का आदर करें। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पर्यावरण नागरिकों का मूल अधिकार है परंतु यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51-ए (जी) के तहत प्रत्येक नागरिक का यह मूल कर्तव्य है कि वह प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें। श्री जिन्दल ने अनेक उपयोगी जानकारी भी दी।