Current Date:28 Jun 2026





बाल तस्करी के संबंध में हुआ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

आई.पी.सी. की धारा 366- क के अनुसार 18 वर्ष से कम की आयु की लकडी को बुरे आशय से ले जाने के लिए उत्प्रेरित करना दण्डनीय अपराध है - श्री अमित जिन्दल

बाल तस्करी के संबंध में हुआ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
आज दिनांक 23.08.2023 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष श्री आर.के. तिवारी के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के सचिव श्री अमित जिन्दल ने बालिका संप्रेक्षण गृह अम्बिकापुर में जांच / विजिट की और विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर उपस्थित लोगो को बताया कि आई.पी.सी. की धारा 366- क के अनुसार 18 वर्ष से कम की आयु की लकडी को बुरे आशय से ले जाने के लिए उत्प्रेरित करना दण्डनीय अपराध है तथा आई.पी.सी. की धारा 366-ख के अनुसार 21 वर्ष से कम की आयु की लकड़ी को बुरे आशय से आयात करना दण्डनीय अपराध है तथा आई.पी. सी. की धारा 370 के अनुसार किसी व्यक्ति का दुर्व्यापार दण्डनीय है तथा आई.पी.सी. की धारा 374 के अनुसार किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरूद्ध श्रम करने के लिए विधि विरूद्ध तौर पर विवश करना दण्डनीय अपराध है। श्री अमित जिन्दल ने आगे बताया कि नालसा (तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाऐं) योजना 2015 के अनुसार भी तस्करी और यौन शोषण के पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें मुआवजा दिलवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्कििाापुर से सहायता प्राप्त कर सकते है। श्री जिन्दल ने आगे बताया कि यदि किसी के साथ तस्करी और यौन शोषण आदि की यदि जानकारी किसी की भी जानकारी में आती है तो यथाशीघ् पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत करायें ताकि पीडित को मदद मिल सके।