जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के सचिव अमित जिन्दल ने दिनांक 23.08.2023 को केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर में जांच / विजीट की तथा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर उपस्थित बंदियो को बताया कि प्ली बारगेनिंग के अनुसार सात साल के दण्ड तक के मामले में उस दशा को छोड़कर जहां अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है या स्त्री या 14 साल के बालक के विरूद्ध किया गया हो या अधिसूचित अपराधों को छोडकर अभियुक्त के स्वेच्छा से आवेदन पेश करने पर प्रकरण का पारस्पारिक सन्तोषप्रद निपटारा अर्थात आपसी बातचीत से निपटारा किया जा सकता है तथा ऐसी दशा में धारा 360 या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (958 का 20 ) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के प्रावधान अभियुक्त के प्रकरण में आकर्षित है, तो वह अभियुक्त परिवीक्षा पर निर्मुक्त किया जा सकता है या न्यूनतम दण्ड के आधे दण्ड से या अन्य दशा में अपराध के लिए उपबन्धित या विस्तारित जैसी स्थिति हो, दण्ड के एक-चौथाई दण्ड से दण्डित किया जा सकेगा। विधिक सेवा शिविर में जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री भी उपस्थित थे।
