Current Date:03 Jun 2026





आज सीतापुर के कॉलेज ग्राउंड से विश्व आदिवासी दिवस पर मिलेंगें कई सौगाते -अमरजीत भगत

शासकीय अवकाश से लेकर सरकार की उपलब्धियां भाजपा को बताया आदिवासी विरोधी

आज सीतापुर के कॉलेज ग्राउंड से  विश्व आदिवासी दिवस पर मिलेंगें कई सौगाते -अमरजीत भगत
छत्तीसगढ़ टुडे 24 राजीव कश्यप

आज 9 अगस्त को पुरे विश्व में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है सरगुजा जिले के सीतापुर में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाएगा. जिसको लेकर प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अपने वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ टुडे 24 से बात करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आदिवासियों के हितों की बात करती है. जिसको देखते हुए 9 अगस्त को छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय छुट्टी के तौर पर घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि कल यानी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस सीतापुर के कॉलेज ग्राउंड में मनाया जाएगा. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, आदिवासी मंत्री नेता सहित हजारों की संख्या में आदिवासी गण शामिल होंगे. बातों ही बातों में उन्होंने सरगुजा वासियों  के मन के लिए बड़े ही हर्स एवं उत्साह का संचार कर देने वाली बात कहते हुए कहा कि  आज  सरगुजा को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासियों को बड़ी सौगात भी मिलने वाली है. इधर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों की विरोधी पार्टी है जिन्होंने 9 अगस्त को ही अपने ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था तो इससे समझ सकते हैं कि आदिवासियों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा क्या कर रही होगी. वहीं आरक्षण को लेकर अब तक राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं होने से आदिवासियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में इस जनविरोधी भारतीय जनता पार्टी से जनता क्या  उम्मीद कर सकती हैं यह बात सीतापुर सरगुजा से लेकर  पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता भी  भलीभांति जनता भी समझ रही है
   प्रदेश के खाद एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने आदिवासी वर्ग के चहुमुखी विकास के लिए रोजगार मूलक योजनाएं बनाई। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी के वर्ग शिक्षा के लिए 300 से अधिक बंद स्कूलों को खोला गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा के नीतियों के तहत काम किया गया। रमन सरकार के दौरान दस गांवों के 1707 आदिवासी परिवार से छीनी गई 4200 एकड़ जमीन को लौटाई गई, जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से मुक्त कराया गया। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा किया गया, 65 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी की गई, चरणपादुका खरीदने नगद राशि दी गई, बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया। 24827 व्यक्तिगत 20,000 से अधिक सामुदायिक व 2200 वन संसाधन पट्टे वितरित किए गए, 16 लाख से अधिक हेक्टर भूमि आदिवासी वर्ग को वितरित किया गया है। 4,38,000 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 44,300 से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 2175 से अधिक वन संसाधन अधिकार ग्राम सभा को प्रदान की गई। मिलेट मिशन शुरू किया गया और बस्तर के वनोपज को देश-विदेश तक पहुँचाया गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, गन्ना, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मक्का, दलहन-तिलहन, फलदार वृक्ष, सब्जी लगाने वाले आदिवासी किसानों को 10,000 रू. प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। बिजली बिल हाफ की सुविधाएं सिंचाई कर माफ किया गया। बस्तर बटालियन में स्थानीय युवाओं के नौकरी के द्वार खोले गए। एनएमडीसी में स्थानीय स्तर के युवाओं को रोजगार के अवसर दिया गया।
प्रदेश के खाद एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि आदिवासी वर्ग की बहुप्रतीक्षित मांग आदिवासी विकास प्राधिकरण में नेतृत्व देने की मांग को पूरा किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से आदिवासी वर्गों के विकास के रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हीं वर्ग को दी गई पेशा कानून किया गया है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से बीहड़ वन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुपोषित आहार पहुंचाया गया। 85 विकास खंडों में वनों उपज प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए आठ करोड 50 लाख रुपए प्राधिकरण मद से दिया गया। जनजाति सलाहकार परिषद छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग बैगा विकास अभिकरण चिराग परियोजना, आमचो बस्तर के माध्यम से कॉफी, काजू, हल्दी जो बस्तर में उत्पादित होते हैं, उनकी ब्रांडी की गई। महारानी अस्पताल का उन्नयन किया गया। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण हेतु देवगुड़ी का विकास। अधोसंरचना का विकास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा विद्युतीकरण, गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीदी पशुधन का नस्ल सुधार, पशुओं का संरक्षण एवं पशुपालकों को लाभान्वित किया जा रहा है, विश्व आदिवासी दिवस के दिन 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन सहित अनेक जनकल्याणकारी योजना बनाकर आदिवासी वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत सक्षम बनाने के लिए काम किया गया है और निरंतर करता रहेगा।