Current Date:03 Jun 2026





न्याय सदन में विश्व आदिवासी दिवस पर हुआ सेमिनार

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम कुमार तिवारी के निर्देश पर विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में सेमिनार का आयोजन

न्याय सदन में विश्व आदिवासी दिवस पर हुआ सेमिनार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम कुमार तिवारी के निर्देश पर विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में सेमीनार का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के सचिव अमित जिन्दल ने न्याय सदन अम्बिकापुर में किया जिसमें श्री अमित जिन्दल ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3 के अनुसार अनुसूचित जाति या जनजाति के सदस्य को अखाद्य या घृणाजनक पदार्थ पीने या खाने के लिए मजबूर करना या उनके प्रवेश द्वारा पर मल-मूत्र, मल, पशु-शव या कोई अन्य घृणाजनक पदार्थ इकट्ठा करना या उसे नग्न या अर्धनग्न करना या उस व्यक्ति के कपड़े उतारना, बलपूर्वक सिर का मुण्डन करना, मूंछे हटाना, या उसकी जमीन पर कब्जा करना या उसे बलात श्रम के लिए विवश करना या महिलाओ पर अत्याचार या उसके मतदान के अधिकार के प्रयोग में बाधा डालना या उसके विरूद्ध बिना आधार के शिकायत करना या उसे गाली गलौच करना आदि अपराध है तथा अधिनियम की धारा 14 की उपधारा 3 के अनुसार अभियोग पत्र पेश होने से 2 माह में विचारण पूरा करना होता है तथा अधिनियम की धारा 18 के अनुसार आरोपी को अग्रिम जमानत न मिलने का प्रावधान है तथा अधिनियम की धारा 19 के अनुसार आरोपी को यदि 18 वर्ष से अधिक आयु का है तो उसे द.प्र. स. 1973 की धारा 360 और अपराधी परिवीक्षा अधिनियम का लाभ न मिलने का प्रावधान है तथा अधिनियम की धारा- 8 में अपराध के साबित होने पर अभियुक्त के विरूद्ध उपधारणा का प्रावधान है कि वह पीड़ित की जाति जानता था। इसके अतिरिक्त धारा 15 क की उपधारा 3 के अनुसार पीडित को जमानत में सुनवाई का अधिकार भी होगा। श्री जिन्दल ने नालसा आदिवासियो के अधिकारो का संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 के बारे में भी छात्राओ को बताया। कार्यक्रम में श्री जे.पी. गुप्ता, श्री दिलीप सिंह, श्री सतीश मिश्रा, कुमारी नुसरत, कुमारी चन्दा कुशवाहा, श्री अश्वनी पाण्डेय आदि अधिवक्तागण  भी उपस्थित थे।