Current Date:01 Jun 2026





शहर में फिर बढा चोरों का हौसला कांग्रेस की सरकार मे कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में ही कर दी हाथ साफ कानून व्यवस्था को लेकर टी एस सिंह देव पर उठे सवाल

डिप्टी सीएम का गृहनगर है अंबिकापुर कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल

शहर में फिर बढा चोरों का हौसला कांग्रेस की सरकार मे  कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में ही कर दी हाथ साफ कानून व्यवस्था को लेकर टी एस सिंह देव पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ टुडे 24 राजीव कश्यप
 अंबिकापुर शहर के हृदय स्थल के साथ ही साथ शहर के सबसे व्यस्त रहने वाली और राजनीतिक दलों के धरने प्रदर्शन करने वाले स्थल घड़ी चौक पर स्थित राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में अज्ञात चोरों ने कुछ सामान अपने साथ पार कर दिए और अंदर आराम से तोड़फोड़ भी  कर दिए जिससे यह आसानी से समझा जा सकता है कि शहर में पुलिस की सक्रियता व प्रशासन की सजगता कितनी है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था का क्या हाल है बहर हाल इन असामाजिक तत्वों के  गिरोह बना चोरों के मुख्य सरगना तक पुलिस पहुंच पाएगी या फिर किसी बेकसूर  आदतन अपराधी को ही अपनी कागजी खानापूर्ति कराने के लिए जेल दाखिल करवा वाह  वाही लुट लि जाती है फिलहाल तो इस घटना के बाद नगरवासी चिंता में पड़ गए हैं कि ऐसे में आमजन कैसे इन चोरों से बच सकता है हालांकि उनकी यह सारी करतूत सीसीटीवी कैमरा में कैद हो गई है
        बता दें कि  कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में अज्ञात चोरों ने रोशनदान से घुसकर कांग्रेस कार्यालय में रखे गैस सिलेंडर, शक्कर चाय पत्ती, कप, वेल्डिंग का सामान सहित अन्य सामानों को चोरों ने पार कर दिया ।वही चोरों ने अंदर में भी तोड़फोड़ की है जिसकी शिकायत कांग्रेस  कार्यालय के पदाधिकारियों के द्वारा अंबिकापुर के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है  जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की सक्रियता से पतासाजी करन में जुट गई है।बाहर हाल हम आपको यह बताते चलें कि जिस राजीव भवन में चोरी हुई है यह चोरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में मौजूद कांग्रेस के आलीशान जिला कार्यालय राजीव भवन में हुई है। सबसे खास बात यह है कि, अंबिकापुर डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का गृहनगर है। माना जाता है कि समूचे सरगुजा में श्री सिंहदेव का खासा दबदबा है। ऐसे में उनके गृहनगर के कांग्रेस भवन में चोरी होना पार्टी के लिए एक बड़ी किरकिरी का कारण  तो बन ही सकता है वहीं विपक्ष के लिए भी यह एक अच्छा चुनावी मुद्दा हो सकता है जहां लगातार प्राइवेट अस्पतालों में लापरवाही से मौत का हो या फिर सबसे व्यस्ततम व हृदय स्थल में स्थित सरकार के ही कार्यालय में चोरी की घटना का मामला जोकि आम जनों के दृष्टिकोण से भी देखें तो यह बात उठने लाजमी है ।