Current Date:01 Jun 2026





समरडीह कोरवा पारा पुलिया के अभाव में बरसात में बन जाता है टापु ? जनमन योजना में भी सुध लेने वाला कोई नहीं

मरीजों व गर्भस्थ महिलाओं को खाट या फिर कंधे पर ढोह कर स्वास्थ्य केंद्र ले जाना होती है मजबूरी

समरडीह कोरवा पारा पुलिया के अभाव में बरसात में बन जाता है टापु ? जनमन योजना में भी सुध लेने वाला कोई नहीं
लुण्ड्रा/अंबिकापुर सीजी टुडे 24 ब्यूरो


लुण्ड्रा विकाशखंड के ग्राम पंचायत सेमरीडीह कोरवापारा के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से मरहुम होकर नारकीय जीवन जीने विवश है।
जहां एक ओर शासन प्रसासन लाखो करोडों खर्च कर इन विशेष संरक्षित जनजातियों के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है वहीं सेमरडीह के कोरवापारा बस्ती के लोगों की व्यथा को सुनकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि धरातल इस इसका कितना लाभ लोगों को मिल पा रहा है। बरसात के दिनों में सड़क व नाला नहीं रहने कि वजह से इन्हें काफी दिक्कतों का सामना कर जीवन जीने विवश होना पड़ता है। पुलिया नहीं होने की वजह से तथा बस्ती के चारों ओर पानी से घिर जाने के कारण बस्ती में नीचे खाद्यान्न सामग्री, इलाज इत्यादि के लिए जान जोखीम में डालकर आवागमन करना मजबूरी हो जाती है



*मरीज को खाट या पीठ पर ढोकर लाते हैं स्वास्थ्य केंद्र पुलिया निर्माण का किया मांग*

प्रभावित ग्राम सेमरडीह के कोरवा बस्ती के ग्रामीण रमेश कोरवा नंदलाल कोरवा नानू घसीया नाम साय करमी बाई नहरी बाई भई भईरी फागु मंडल एवं बीनु कोरवा आदि ने बताते हुए कहा कि पूरे बरसात भर हम लोगों को नारकीय जीवन जीने विवस होना पड़ता है , आज पर्यंत तक एक पुलिया नहीं बन पाने के कारण हमारी बस्ती कई महीनो से टापू बन कर रह जाती है बस्ती चारों ओर पानी से घिर जाता है खासतौर पर मरीजों व गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है गाड़ी तो दूर पैदल भी बस्ती से बाहर नहीं निकल पाने के कारण मरीजों व गर्भवती महिलाओं को खाट, झेलगी या फिर कंधे पर डोकर जान जोखिम में डालकर ले जाने मजबूर व विवस होना पड़ता है जिससे जान माल के हानि का भी सदा डर सताते रहता है ।उन्होंने शासन प्रशासन से तत्काल इस दिशा में ध्यान देते हुए एक पुलिया निर्माण करने की मांग ग्रामीण ने की है 

          
      विदित हो कि बरसात के दिनों में पंगडंडी नुमा सड़क में नाला नहीं रहने कि वजह से इन्हें काफी दिक्कतों का सामना कर जीवन जीने विवश होना पड़ता है बरसात के दिनों में यह बस्ती चारों ओर से घुटने भर पानी भर टापू बनकर रह जाती है।ग्रामीणों ने जनहित में तत्काल पुलिया बनाने शासन प्रशासन से मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी है जिससे भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित ना हो सके और शासन की योजनाओं के लाभों से वे वंचित भी ना रह पाए ।

          बहरहाल बता दें की जनमन योजना के तहत सरकार विशेष सुरक्षित जनजातियों की उत्थान व सुविधाओं को लेकर लाखों रुपये खर्च कर रही है पर सरकार की मंशा व उद्देश्य किस स्तर पर पुरा हो पा रहा है कि नही यह सेमरडीह वह लगे ग्राम नवापार बेवरा की कोरवा बस्ती में जाकर उनकी परेशानी वह व्यथा को सुनकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि धरातल पर इसकी कितनी सच्चाई है जनमन के तहत बन रहे रोड की गुणवत्ताओं के बारे में तो किसी से कुछ छिपी नहीं है कि इस योजना के राशि का किस कदर दुरूपयोग वह बंदरबाट कर शासन प्रशासन अपना अपना विकास कर रहे हैं खैर अब देखना यह है कि सरकार ईस गंभीर मामले को लेकर कोई ध्यान देती है या फिर ???


*कार्य योजना में शामिल है जल्द मिलेगी स्वीकृति*


जनपद अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पावले ने लोगों की समस्याओं व मांगों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कार्य योजना में शामिल कर दी गई है जनपद से मांग पत्र भी भेज दिए गए हैं जल्द से जल्द स्वीकृत हो कर निर्माण काम भी आरंभ हो जाएगा और लोगों को इस गंभीर समस्याओं से भी निजात मिल इन कोरवाओं को आवागमन के अभिशाप से भी मुक्ति मिल जाएगी ।