सीजी टुडे24 राजीव कश्यप
अंबिकापुर के गुदरी चौक स्थित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। एंजियोप्लास्टी के लिए एडमिट मरीज का आयुष्मान कार्ड ब्लॉक बताकर हॉस्पिटल प्रबंधन ने परिजनों से नगद एक लाख 60 हजार रुपये जमा करा लिया। कुछ दिनों बाद पता चला कि हॉस्पिटल ने आयुष्मान कार्ड से एक लाख 50 हजार रुपये से अधिक का आहरण किया है। मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना अंतर्गत गिरवानी निवासी विवक जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने बडे पिताजी राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल का ईलाज 17 अप्रैल 2026 को लक्ष्मीनारायण अस्पताल अंबिकापुर पहुंचा था। उन्हें इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। विवेक जायसवाल को हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हो जाएगा।
हॉर्ट में ब्लॉकेज बता किया एंजियोप्लास्टी, लिया नगद
विवेक जायसवाल ने बताया कि राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल के पेट में दर्द की शिकायत थी जो गैस के कारण थी। हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि मरीज के दिल के नसों में ब्लॉकेज हो गया है। इलाज के लिए एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया से तीन स्टेंट लगाए जाएंगे, जिसका भुगतान वे आयुष्मान कार्ड से कर सकते हैं।
विवेक जायसवाल ने आयुष्मान कार्ड जमा कर दिया। कुछ समय बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने उन्हें बताया कि मरीज का आयुष्मान कार्ड किसी वजह से ब्लॉक हो गया है, इसलिए आपको भुगतान कैश में करना पड़ेगा। हॉस्पिटल में मरीज की कंडीशन क्रिटिकल बताई गई तो परिजन सहम गए।
परिजनों ने हॉस्पिटल में नगद एक लाख 60 हजार रुपये का भुगतान, जिसमें दवाई का बिल भी शामिल है, कर दिया। हॉस्पिटल में मरीज को दो स्टेंट लगा दिए हैं और तीसरा लगाया जाना है।
आयुष्मान कार्ड से निकाला डेढ़ लाख, FIR दर्ज
विवेक जायसवाल ने बताया कि बाद में हमने मरीजे राजेंद्र प्रसाद जायसवाल के आयुष्मान कार्ड की जांच कराई तो पता चला कि लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा उनके आयुष्मान कार्ड से एक लाख 50 हजार 460 रुपये का भुगतान निकाला गया है। उन्होंने हॉस्पिटल में इसके संबंध में पूछताछ की तो हॉस्पिटल प्रबंधन ने आयुष्मान कार्ड से पैसा निकालने से इनकार किया।
मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के खिलाफ धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। *बता दे की भवन अनुज्ञा को लेकर लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पर केस चल ही रहा है लेकिन केवल कागजो में*
