
एवं भक्तों द्वारा पूजन, मंत्रोच्चार, आरती और विसर्जन संपन्न होगा।वहीं दूसरा दिन 23 जुलाई,दिन बुधवार को पुनः पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा के साथ विधिवत पूजन, सायंकाल में विशेष शिव महाआरती व विसर्जन होगा, वहीं तीसरे दिन 24 जुलाई दिन गुरुवार को अंतिम चरण का शिवलिंग निर्माण प्राण-प्रतिष्ठा और शिव पूजन महायज्ञ, हवन एवं पूर्णाहुति भव्य आरती एवं विशाल भंडारा प्रसादी वितरण किया जायेगा।इस अवसर पर सभी श्रद्धालुजनों से सपरिवार उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है। मंदिर परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्र को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, तथा भजन-कीर्तन की भी विशेष व्यवस्था की गई है।इस आयोजन के पीछे प्रेरणा बनीं हैं श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय, जो ग्राम व समाज के धार्मिक आयोजनों में सदैव अग्रणी रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रावण मास शिवभक्ति का सर्वोत्तम समय है। पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह महायज्ञ जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने वाला है। हम सभी शिव भक्तों को इस अद्भुत अवसर पर आमंत्रित करते हैं।

