Current Date:01 Jun 2026





प्रतिवर्ष ग्रीष्म ऋतु ज्येष्ठ माह में नौतपा प्रारंभ होता है। इस बार नौतपा 25 मई 2023 गुरुवार से प्रारंभ

जानिए क्या होता है नौतपा...

प्रतिवर्ष ग्रीष्म ऋतु ज्येष्ठ माह में नौतपा प्रारंभ होता है। इस बार नौतपा 25 मई 2023 गुरुवार से प्रारंभ
सूर्य 5 दिन के लिए रोहिणी नक्षत्र में गोचर करने लगता है। इन पंद्रह दिनों के पहले के 9 दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। 
यह हर वर्ष पड़ता हैं और इस वर्ष 2023 में नौतपा 25 मई से आरंभ होगा। 25 मई गुरुवार वार के दिन सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और 3 जून सोमवार की सुबह तक रोहिणी नक्षत्र में ही रहेगा। सूर्यदेव 25 मई गुरुवार को रात्रि के लगभग 9 बजकर 12 मिनट को प्रवेश करेंगे। 3 से 4 जून के दौरान तक नौतपा रहेगा।
नौतपा में बारिश का नहीं आना क्‍यों आवश्यक 

नौतपा की अवधि में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती है। इससे प्रचंड गर्मी होती है जो समुद्र के पानी का वाष्पीकरण तेजी करके बादलों का निर्माण करती है। इससे मानसून में अच्छी बारिश होने की सम्भावना बनती है। लेकिन यदि समुद्री क्षेत्रों में नौतपे की अवधि में ही बारिश हो गई तो वाष्पीकरण की यह प्रक्रिया रुक जाती है और बादल कम बन पाते हैं। इसीलिए अतिआवश्यक है कि नौतपा का अच्छे से तपे । यदि इन नौ दिनों की अवधि में बारिश हो जाती है तो उसे अच्छा नहीं माना जाता है और इसे नौतपा का गलना कहा जाता है। यदि नौतपा गल जाता है तो अच्छे मॉनसून की आशा नहीं की जा सकती है। इसलिए कहते हैं कि नौतपा में जितनी भीषण गर्मी पड़ती है उतनी ही अच्छी बारिश का संकेत होता है।
नौतपा की अवधि में अवश्य रखे ये सावधानियां.............
सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहता है तब तक नहीं तो कम से कम 9 दिनों तक तो ये पांच सावधानियां रखना आवश्यक है अन्यथा आपके स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
नौतपा की अवधि में किसी भी स्थिति में बिना कुछ खाए पिए घर से न निकलें। खुले शरीर बाहर न निकलें, टोपी पहने, कानों को ढंककर रखें और आंखों पर धूप का चश्मा अवश्य लगाएं।
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। प्याज खाएं और साथ में भी रखें। मौसमी फल, फलों का रस, दही, मट्ठा, जीरा छाछ, जलजीरा, लस्सी और आम का पना पिएं।
नरम, मुलायम, सूती कपड़े पहनें जिससे हवा और कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहे।
इसके अतिरिक्त समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार ग्लुकोज का सेवन करते रहें और अपनी ऊर्जा का उपयोग अनावश्यक न करें।
लू लगने के क्या लक्षण होते हैं यह पहले से ही जान लें। लू लगने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
ज्योतिष के अनुसार.......
इस बार नहीं तपेगा नौतपा.........

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होने के साथ ही  25 मई गुरुवार से नौतपा प्रारंभ होगा जो 3 जून शनिवार तक रहेगा इस दौरान सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं लंबवत सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ने से भारी तपन होती है परंतु इस बार दो-तीन दिन छोड़कर पूरे नौतपा के समय ग्रह योगों के प्रभाव से बादल बूंदाबांदी आंधी बारिश की स्थिति बनेगी जिससे इस बार नौतपा नहीं तपेगा नौतपा का यह समय वर्षा के गर्भ धारण करने का होता है ज्यादा  तपन होने पर वर्षा गर्भ पुष्ट होता है एवं बारिश अच्छी होती है नौतपा के दौरान सूर्य वृष राशि में भ्रमण रत होंगे चंद्रमा कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक राशि में भ्रमण करेंगे इस दौरान शुक्र दिनांक 30 को राशि परिवर्तन कर कर्क राशि में जाएंगे कर्क राशि में मंगल शुक्र चंद्रमा का  त्रिग्रही योग बारिश कराएगा, यह योग समुद्री सुनामी प्राकृतिक भाव से देश दुनिया को प्रभावित करेगा मंगल का प्रभाव राजनीतिक अस्थिरता देता है वही शुक्र फिल्म जगत में हलचल मचा सकता। 27, 28, 29, 30 के दिन प्रचंड तेज हवा के साथ गर्मी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही आगामी अंतिम 3 दिन 31,1 और 2 को तेज हवा के साथ उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।

कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि इस बार शुरुआती 6 दिनों में गर्मी के साथ ही उमस भी बहुत रहेगी। नौ दिन में से अंतिम 3 दिन हवाएं खूब तेज चलेगी। कहीं कहीं मध्यम बारिश की संभावना है तो कहीं बौछारें भी हो सकती है। हालांकि इससे अंतर नहीं पड़ेगा और बारिश अच्छी होगी। यानी मानसून अच्छा होगा। मानसून अच्छा होने का मतलब है कि किसानों को लाभ होगा। फसल अच्छी होगी। उन्हें फसल का अच्छा मूल्य मिलेगा।

नौतपा की अवधि में सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती जिसके चलते तापमान बढ़ता है। इस अधिक तापमान के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है जो समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है। इस कारण कई जगहों पर ठंडी, तूफान और बारिश जैसे प्रभाव होते हैं। बस इस अवधि में हवाएं भले ही चलें लेकिन बारिश नहीं होना चाहिए तो फिर बारिश का तंत्र अच्छे से बन जाता है। जैसे कहते हैं कि अच्छे से पका हुआ भोजन ही स्वाद देता है बस कुछ इसी तरह की स्थिति होती है।