जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला-अम्बिकापुर (छ0ग0) के सचिव श्री अमित जिन्दल के निर्देश पर पी.एल.व. कुमारी तेज कुवर नेताम ने दिनांक 08.04.2023 को ग्राम रघुनाथपुर में विधिक सेवा शिविर का आयोजन कर बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 42 में आदेषित है कि राज्य कार्य के लिए न्यायोचित एवं मानवीय स्थिति तथा मातृत्व लाभों को सुरक्षित रखने हेतु प्रावधान बनाएगी अनुच्छेद 43 में प्रावधान है कि राज्य सभी कामगारों के लिए काम निर्वाह मजदुरी उचित जीवन स्तर सुनिष्चित करते हुए कार्य स्थिति तथा पूर्ण मनोरंजन, अवकाष सामाजिक तथा सांस्कृतिक अवसर सुरक्षित करेगी। इन्ही उददेश्यो के लिए नालसा (असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के लिए विधिक सेवाऐं) योजना, 2015 लायी गई जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के लिए मील का पत्थर है। उक्त योजना के अनुसार असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के लिए जो भी लाभकारी प्रावधान है उनके बारे में जागरूकता, न्यूनतम मजदूरी दिलाने में सहायता करना, निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना उददेश्य है। खनिज नियोजन प्रतिषेध अधिनियम व उनका पुर्नवास अधिनियम 2013 की धारा 13 में कामगारों के पुर्नवास का वर्णन है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण संबद्ध राज्य प्राधिकरण के साथ समन्वय से एन. जी. ओ. के सहयोग से उक्त अधिनियामों के प्रावधानों के अनुसार पूर्व हस्तचालित खनिकों के लिये पुर्नवास योजना बनाने में सहयोग करता है
