सीजी टुडे 24 ब्यूरो राजीव कश्यप
मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा में सीएम के कार्यक्रम में आए श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष व कांग्रेस जिला अध्यक्ष को प्रवेश करने से पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर रोकने के बाद शुरु हुआ विवाद, जिला प्रशासन से भिड़ गए कांग्रेसी कार्यकर्ता
कांग्रेश जिला सरगुजा कमेटी में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रहा है हाल ही में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को लेकर मंच पर बैठने को लेकर दो पक्षों में नाबालिगों की तरह लड़ाई वह गाली गलौज का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि आज फिर दरिमा हवाई पट्टी में प्रशासन व कांग्रेश के टीएस समर्थक आपस में ही भीड़ गए नौबत यहां तक आ गई कि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को हस्तक्षेप करते हुए कहना पड़ा कि पद की गरिमा को समझते हुए मर्यादा में वह प्रोटोकॉल के नियमों को समझे जिला प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार लाते हुए परिपक्वता लाने की नसीहत तक दे डाली गई बता दें कि आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने एक संक्षिप्त दौरा कार्यक्रम के तहत सरगुजा अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का अवलोकन करने पहुंचे थे इस दौरान कांग्रेस खेमे में आपसी गुटबाजी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। यही नहीं बल्कि हर एक कार्यक्रमों में लगभग दो गुटों के बीच तनातनी की स्थिति निर्मित रहती है कोई छुप जाता है तो कोई छप जाता है।
इधर टी एस बाबा के समर्थकों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा आए दिन स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों को कार्यक्रम में नजरअंदाज किया जा रहा है। टीएस सिंह देव के करीबी माने जाने वालों में से श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित अन्य को मां महामाया एयरपोर्ट में प्रवेश करने से रोकने पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। टीएस समर्थकों व पुलिस के बीच काफी देर तक विवाद चलता रहा। इस दौरान गाली-गलौज जैसी अमर्यादित भाषाओं का भी प्रयोग किया गया। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को राज्य शासन के प्रोटोकॉल मालूम होने चाहिए। किसे मंच पर जगह देनी है और किसे अंदर जाने देना है, यह उन्हें जानकारी होनी चाहिए। कलेक्टर एवं एसपी को परिपक्व होने की जरूरत है।
गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अन्य मंत्रियों के साथ जेट प्लेन से मां महामाया एयरपोर्ट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा विशेष कार्यक्रम की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व कार्यक्रम में शामिल होने विधायक, कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त मंत्री, कांग्रेस पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे थे।
कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। कार्यक्रम के मुख्य प्रवेश द्वारा के पास पुलिस अधिकारी तैनात थे। कार्यक्रम में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री के करीबी श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता अपने अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ पहुंचे।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने इन्हें एयरपोर्ट में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इस बात को लेकर पुलिस व टीएस समर्थकों के बीच काफी बहस हुई। अंत में समझाइश देने के बाद इन्हें जाने दिया गया। इस बात को लेकर टीएस समर्थकों में काफी नाराजगी देखी गई। वहीं कांग्रेस समर्थकों का कहना था कि और नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा है, पर हम लोगों को क्यों रोका गया।
प्रोटोकॉल का होना चाहिए पालन' - टी एस सिंह देव
एयरपोर्ट में प्रवेश से कार्यकर्ताओं को रोके जाने की बात को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने नाराजगी व्यक्त की। समर्थकों व पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि कलेक्टर एवं एसपी को परिपक्व होने की जरूरत है।
जिला प्रशासन पर आखिर लग ही गई भेदभाव का आरोप
आखिरकार सरगुजा जिले के कलेक्टर और एसपी की परिपक्वता व निष्पक्षता पर कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव ने सवाल उठा ही दिया। मां महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर पर पुलिस और मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों के बीच हुए झड़प को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कडी नाराज़गी जाहिर की है । सिंहदेव ने कहा कि कलेक्टर व एसपी परिपक्व अधिकारी माने जाते हैं. ऐसे में इन अधिकारियों को किसी एक के कंधे पर हाथ रखकर काम नही करना चाहिए. किसी को ऐसा ना लगे कि किसी एक के कंधे पर हाथ है. जबकि दूसरे के कंधे पर हाथ नहीं है।
विदित हो कि टीएस सिंहदेव समर्थकों को एयरपोर्ट स्थित कार्यक्रम स्थल के मुख्य गेट यानि एअरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर रोके जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इस दौरान पुलिस प्रशासन के मैनेजमेंट को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता काफी नाराज़ थे। जिसमें सीएम व कलेक्टर को बुलाने के जमकर नारे लगाते हुए कहा कि अब सब्र की बांध टूट चुकी है सामने आए और बात करें
हालांकि बाद में स्वास्थ्य मंत्री के इशारे पर मामला शांत हुआ
सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने एअरपोर्ट के विस्तार का श्रेय अपनी राज्य सरकार को ही दिया। यहां भी भूपेश बघेल के साथ मंत्री अमरजीत भगत करीब दिखे और टी एस सिंहदेव एकदम पीछे खड़े रहे।जिससे दिख रही है कि गुटबाजी स्पष्ट रूप से चरम पर है।
