Current Date:03 Jun 2026





कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के संबंध में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर

आज के वर्तमान समय में भारतीय महिलाओं की हर क्षेत्र में एक प्रभावी भूमिका-श्री अमित जिंदल(सचिव ,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर ,सरगुजा )

कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के संबंध में आयोजित विधिक  जागरूकता शिविर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर के सचिव श्री अमित जिंदल के मार्गदर्शन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर की PLV मोना सोनी के द्वारा आज दिनांक 5/08/23 को दरीमा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर वहा उपस्थित लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि आज के वर्तमान समय में भारतीय महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में एक प्रभावी भूमिका अदा कर रही हैं जो कि एक सराहनीय विषय है, किन्तु प्रगति के साथ साथ महिलाओं को सरहना के साथ कई प्रकार के मुश्किलों का भी सामना करना पड़ रहा है जो कि महिलाओं के लिए घातक सिद्ध हो रहा है तथा उन्होंने बताया कि 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम को पारित किया गया था।जिन संस्थाओं में दस से अधिक लोग काम करते हैं, उन पर यह अधिनियम लागू होता है। ये अधिनियम विशाखा केस में दिये गये लगभग सभी दिशा-निर्देशों को धारण करता है और ये बहुत से अन्य प्रावधानों को भी निहित करता है जैसे: शिकायत समितियों को सबूत जुटाने में सिविल कोर्ट वाली शक्तियाँ प्रदान की है; यदि नियोक्ता अधिनियम के प्रावधानों को पूरा करने में असफल होता है तो उसे अर्थदंड भरना पड़ेगा, ये अधिनियम अपने क्षेत्र में गैर-संगठित क्षेत्रों जैसे ठेके के व्यवसाय में दैनिक मजदूरी वाले श्रमिक या घरों में काम करने वाली नौकरानियाँ या आयाएं आदि को भी शामिल करता है। अधिनियम कार्यशील महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के खतरे का मुकाबला करने के लिये युक्ति है। ये विशाखा फैसले में दिये गये दिशा निर्देशों को सुव्यवस्थित करता है और इसके प्रावधानों का पालन करने के लिये नियोक्ताओं पर एक सांविधिक दायित्व अनिवार्य कर देता है।