Current Date:02 Jun 2026





वन विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियों के चंगुल से वन भूमि को कराया गया कब्जा मुक्त

आरक्षित वन भूमि पर 03 वर्षों से अतिक्रमण कर 05 कृषकों द्वारा की जा रही थी खेती,

वन विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियों के चंगुल से वन भूमि को कराया गया कब्जा मुक्त
सीजी टुडे 24 गिरधर कुमार विशेष संवाददाता

 जिला के वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा अन्तर्गत ग्राम दर्रीडीह बताश बहरी टोंगरी में ग्राम सिकिलमा के पाँच ग्रामीणों द्वारा आरक्षित शासकीय भूमि को जोतकर लगातार 03 वर्षों से टमाटर व अन्य फसलों की खेती किया जा रहा था जिससे ग्राम दर्रीडीह व ग्राम रघुनाथपूर के ग्रामवासियो द्वारा आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण कर खेती किये जाने  की शिकायत न्यायालय में की गई थी जिस पर संज्ञान लेते हुए राजस्व निरीक्षक,पटवारी व वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी लुण्ड्रा राज बहादुर राय,डिप्टी रेंजर चेन्द्रा वर्मा व वन रक्षकों की उपस्थिति में अतिक्रमणकारियों के चंगुल से वन आरक्षित भूमि को मुक्त कराया गया एवं ग्राम दर्रीडीह व ग्राम रघुनाथपूर के ग्रामवासियो ने लिखित में इस आशय का वचन पत्र दिया कि भविष्य में कभी भी उक्त भूमि पर कोई कब्जा नहीं किया जाएगा । उक्त संबंध में वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिकिलमा निवासी रामपाल पिता समल साय ,करम साय आत्मज खोरा,मुन्ना राम आत्मज कवरा,रजन आत्मज रामसाय,शंकर आत्मज समल साय सभी जाति उरांव को वर्ष 2007-2008 में वन भूमि पट्टा प्रदान किया गया था किन्तु उक्त कृषकों के द्वारा अन्यत्र वन आरक्षित भूमि पर 03 वर्षो से टमाटर व अन्य फसलों की खेती किया जा रहा था । राजस्व निरीक्षक व पटवारी द्वारा दस्तावेज अवलोकन पश्चात पाया गया की उक्त स्थल का पट्टा बना ही नहीं है । अंततः ग्रामवासियो की सहमति से वन आरक्षित भूमि पर पांचों कृषकों के द्वारा बड़े पैमाने पर लगे हुवे टमाटर की खेती पूर्णतः होने के उपरांत उक्त स्थल पर खेती न करने का वचन पत्र ग्रामीणों के समक्ष लिखकर हस्ताक्षर किया गया । वन विभाग के द्वारा इस दरमियान ग्रामीणों से जंगलों की रक्षा करने का वचन भी लिया गया ।