सीजी टुडे 24 ब्यूरो रिपोर्ट राजीव कश्यप
सत्ते के नशे में चूर विधायक की दबंगई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मामला रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह से जुड़ा हुआ है। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि विधायक बृहस्पति सिंह ने एक बैंक कर्मचारी को दनादन थप्पड़ जड़ दिया है। मामले का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है और उनकी किरकिरी हो रही है विधायक की इस दबंगई को लेकर कर्मचारी सहित आमजनों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है बता दें कि बृहस्पति सिंह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफी करीबी माने जाते हैं वीडियो में विधायक बृहस्पति सिंह बैंक कर्मचारी को दनादन पिटाई करते दिख रहे हैं। इस दौरान वीडियो में काफी लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है।
इस मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने अंबिकापुर संभागीय कार्यालय में आकर शिकायत की है। इसके साथ की कर्मचारी संगठन ने कार्यवाई की मांग की है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सहकारी बैंक के कर्मचारी का नाम राकेश कुमार है। जो एक किसान को भुगतान नहीं करने की मामूली सी शिकायत को लेकर नाराज वह सत्ता के नशे में मदहोश विधायक ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिया। विधायक के इस हरकत के बाद कर्मचारी संगठन में जबरदस्तआक्रोश का माहौल है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रामानुजगंज के विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पति सिंह ने सोमवार को केंद्रीय सहकारी बैंक पहुंचकर बैंक के कर्मचारियों की पिटाई कर दी। सैकड़ों की संख्या में किसानों की मौजूदगी में बैंक कर्मियों को पीटे जाने का मामला बैंक के सीसीटीव्ही कैमरे में रिकार्ड हो गया है। घटना से आक्रोशित केंद्रीय सहकारी बैंक कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम आईजी सरगुजा को ज्ञापन सौंप 05 अप्रैल से 06 अप्रैल तक सामूहिक अवकाश पर रहने की सूचना प्रेषित करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही की मांग की है जिससे कर्मचारियों के ऊपर तानाशाही रवैया अपनाने वाले राजनेताओं पर अंकुश लग सके और वे स्वतंत्र तथा निष्पक्ष ढंग से अपना कार्य संपादन कर सकें।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठन ने विधायक के इस अमर्यादित कृत्य को लेकर नाराजगी एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की है तथा कार्यवाही नहीं होने पर संगठन ने अनिश्चितकालीन अवकाश पर जाने की चेतावनी भी दी है।
मिली जानकारी के अनुसार 03 अप्रैल सोमवार को बृहस्पति सिंह सहकारी बैंक की रामानुजगंज शाखा पहुंचे। उन्होंने एक किसान की शिकायत पर बैंक के लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह को बैंक के बाहर बुलाया और सैकड़ों की संख्या में किसानों की मौजूदगी में लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ दिए । यह पूरा घटनाक्रम बैंक के सीसी टीव्ही कैमरे में रिकार्ड हो गया।
मामले की जानकारी मिलने पर सहकारी बैंक के कर्मचारी आक्रोशित हो गए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ अंबिकापुर ने पीड़ित कर्मियों को अंबिकापुर बुलाया एवं पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर मुख्यमंत्री के नाम सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संघ ने आरोप लगाया है कि विधायक बृहस्पति सिंह ने सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में बैंक के लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह से बेवजह गाली- गलौज करते हुए मारपीट की। घटना के बाद कर्मचारी बैंकों में निर्भय एवं स्वतंत्र रूप से काम करने में असमर्थ हैं।
2 दिन रहेंगे सामूहिक अवकाश पर
दिनांक 05 अप्रैल एवं 06 अप्रैल को सहकारी बैंक के सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। यदि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बैंक कर्मियों को सुरक्षा प्रदान नहीं करती है और विधायक वृहस्पति सिंह पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो बैंककर्मी अनिश्चित कालीन हड़ताल करने हेतु बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के अध्यक्ष आरके खरे, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार, विजय यादव, सचिव संजय सोनी सहित अरविंद पांडेय, राजकुमार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बलरामपुर सहित सरगुजा व अन्य 2 राज्यों में पड़ेगी हड़ताल का असर
केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित अंबिकापुर के अंतर्गत सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर एवं कोरिया जिले में संचालित सहकारी बैंक की शाखाएं हैं। घटना के विरोध में बैंक कर्मचारी संगठन के आंदोलन का असर चारों जिलों की सहकारी बैंक शाखाओं में पड़ेगा। किसानों के धान बिक्री का पैसा सहकारी बैंकों में ही जमा होता है, जहां से पैसे निकालने के लिए लगातार किसानों की लाइन लग रही है।
विवादों से है इनका गहरा नाता
अपनी कार्यशैली को लेकर विधायक बृहस्पति सिंह लगातार विवादों को लेकर सुर्खियों में बने रहते है बृहस्पति सिंह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। पूर्व में उनकी गाड़ी रोककर मंत्री टीएस सिंहदेव के रिश्तेदार धौरपुर पैलेस के युवराज से विवाद के घटनाक्रम के बाद सिंहदेव पर आरोप लगा दिया था कि मुझे जान से मारने की साजिश की जा रही है।इसी दरमियान उसी झगड़े के सिलसिले में पेसी आ रहे धौरपुर पैलेस की बड़े वारिस की संदिग्ध परिस्थिति में मौत मामले को लेकर भी इन पर दबे जुबान से आरोप लगाया गया था हालांकि मामले को लेकर उन्होंने विधानसभा में माफी मांगी थी। वहीं कुछ दिनों पूर्व पटवारी से मारपीट के मामले को लेकर बलरामपुर एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और एसपी को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे गोपनीय सूत्रों की माने तो इनकी सांठगांठ नक्सल वादियों तथा वामपंथियों विचारधारा वाले व्यक्तियों से भी गहरा रहता है बाहर हाल अब देखना यह है कि इस मामले में सरकार कार्यवाही को लेकर कितनी सक्रियता व निष्पक्षता दिखाती है या फिर क्लीन चिट देकर ऐसे सत्ता के नशे में मदहोश होने वाले विधायकों का हौसला और अफजाई करती है
