नये शैक्षणिक सत्र के साथ ही पटपरिया में होलीक्रास स्कूल के नये भवन का संचालन इसी सत्र प्रारंभ होने के कारण रोज मार्ग में घंटो जाम लग रहा है और छोटे-छोटे बच्चों सहित उनके अभिभावक माता पिता को काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है जो घंटो जाम से परेशान तो हो ही रहे हैं वही आम राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है जिसके पीछे प्रमुख कारण है कि शासन प्रशासन द्वारा नियम को ताक में रखकर अप्रत्यक्ष दबाव एवं मोटी कमाई की आड़ में ऐसे स्कूलों को सीट फीट कर दिया गया और डाइस कोड के साथ मान्यता भी प्रदान कर दी गई जहां पर रखो ना तो पार्किंग की व्यवस्था है और ना ही स्कूल का जो मापदंड होता है उसे पूरा कर रहा है ऐसे में स्कूल संचालन की अनुमति प्रदान करना जिला के मुखिया के साथ शिक्षा विभाग पर भी प्रश्न चिन्ह व सवालिया निशान खड़ा होता है परेशान व व्यतीत परिजनों सहित छात्र-छात्राओं को भी गंभीर परेशानी को देखते हुए अपने सामाजिक सरोकार के हित कल लड़ाई हेतु सदैव से ही तत्पर रहने वाला एकमात्र वेब चैनल छत्तीसगढ़ न्यूज़ 24 ने लगातार स्कूल खुलने के पहले दिन से ही उठा कलेक्टर का ध्यानाकर्षण कराने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर रहा है पर कमीशन तले दबे शिक्षा विभाग से लेकर संबंधित अन्य उच्च अधिकारियों की सांठगांठ व आपसी मिली-भगत से इस ओर कोई ध्यान देना तो दूर उनके कान में जुं तक नहीं रेंग रहा है ।
सीजी टुडे 24 के न्यूज़ से प्रभावित होकर जान जोखिम में डाल बच्चों को भविष्य गढने शिक्षक के मंदिर में छोड़ने आ रहे अभिभावकों का अंततः सब्र का बांध अब टूट चुका है।
आज इस मामले को लेकर पटपरिया निवासी अधिवक्ता डी . मिश्रा ने न्यायालय में परिवाद दायर कर होलीक्रास स्कूल के प्राचार्या, निगम आयुक्त, यातायात प्रभारी व जिला शिक्षा अधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया है और न्यायालय से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। विदित हो कि होलीक्रास स्कूल प्रबंधन द्वारा पटपरिया में दशमेश पब्लिक स्कूल गली में मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर भीतर नया विद्यालय भवन बनाया गया है इस नये भवन में पांचवी से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था की गई है तथा पुराने एमजी रोड स्थित स्कूल में नर्सरी से चौथी तक के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था जारी रखी गयी है। नये स्कूल भवन का मार्ग संकरा होने के कारण स्कूल लगने व छुट्टी के समय इस गली से लेकर आधा किलोमीटर दूर स्थित एनएच तक पर जाम लग जा रहा है ज्ञातत्व हो कि यह स्थिति रोज उत्पन्न हो रही है।
स्कूल खुले अभी महज 5 दिन ही हुए हैं कि स्कूल प्रबंधन की कमियां व शासन-प्रशासन की पोल खोल कर रख दी है कि जब जिला मुख्यालय अंबिकापुर के स्कूलों का यह हाल है तो आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की क्या दुर्दशा होगी| इस नये विद्यालय के कारण अन्य विद्यालय के बच्चों को भी स्कूल जाने में समस्या आ रही है।
गंभीर समस्या को देखते हुए तत्काल संज्ञान में ले समाजसेवी व पटपरिया मार्ग में रहने वाले सक्रिय व समाज हित में सदैव तत्पर रहने वाले अधिवक्ता धनंजय मिश्रा ने आज इस सामूहिक मामले को लेकर स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवा में परिवाद पेश किया है ।
जिसमें उन्होंने नये स्कूल के निर्माण व उसके संचालन के कारण हो रही समस्या के कारण होलीक्रास स्कूल की प्राचार्या, बिना वस्तुस्थिति का अध्ययन किये गली में इतने बड़े स्कूल के निर्माण की अनुमति देने के लिए निगम आयुक्त, यातायात की समस्या पर समाधान ना कर पाने के कारण यातायात प्रभारी व नियमों से परे गली में स्कूल के संचालन की अनुमति देने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को प्रतिवादी बनाया है।
अपने परिवाद में अधिवक्ता डी मिश्रा ने कहा है कि स्कूल के संचालन के कारण स्कूल लगने व छुटने के समय बन रही स्थिति के कारण आपात परिस्थितियों में यहां एम्बुलेंस आदि के फंसने से विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है या यह कहना कतई अनुचित नहीं होगी कि यदि हालात ऐसे ही रहे ऐसी ही रही तो भगवान ना करे किसी अबोध छात्र-छात्राओं या स्कूल छोड़ने जाने वाले उनके अभिभावकों को इसकी कीमत अपनी जान चुका कर गंवानी पड़े।
उन्होंने न्यायालय से इस स्थिति से निपटने के लिए स्कूल के नियम विपरीत बने बाउंड्रीवाल को तत्काल तोड़ने, स्थायी रूप से यातायात पुलिसकर्मी को यहां तैनात करने, सहीत स्कूल संचालन के लिए प्रदत्त अनुमति की जांच कराकर नियम विपरीत अनुमति पाए जाने पर अनुमति को निरस्त करने सहित अन्य अनुतोषों की मांग की गई है साथ ही वैकल्पिक मार्ग के रूप में आगे कालोनी से जुड़े मार्ग को खोलने की भी मांग की है।
अब न्यायालय द्वारा इस परिवाद पर विचार कर इसे स्वीकार किया जाता है या नहीं यह तो आने वाला भविष्य में ही फिलहाल पता चल जाएगा परन्तु सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस गंभीर समस्या को न्यायालय द्वारा ही निराकृत करने की लोगों में आस है अन्यथा शासन-प्रशासन से तो इस समस्या से निजात मिलने से दिलाने अभी दूर-दूर तक कोई ऐसा संभावनाएं नजर नहीं आ रही हैं
