Current Date:03 Jun 2026





निगम सरकार आस्था के नाम पर कर रही मजाक आज पर्यंत तक महामाया प्रवेश ड्राइंग डिजाइन तक नहीं कर पाई है प्रस्तुत-- प्रबोध मिंज

महामाया प्रवेश द्वार का कारीडोर निर्माण का प्राक्कलन एवं नक्शा 10 दिनों के अंदर समान सभा कें सदन में सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रस्ताव

निगम सरकार आस्था के नाम पर कर रही मजाक आज पर्यंत तक महामाया प्रवेश ड्राइंग डिजाइन तक नहीं कर पाई है प्रस्तुत-- प्रबोध मिंज
सीजी टुडे 24 ब्यूरो राजीव कश्यप
मां महामाया प्रवेश द्वार निर्माण को लेकर शहरवासी वह हिंदूवादी संगठनों सहित विभिन्न राजनीतिक संगठनों द्वारा लगातार मांग किए जाने के बाद तथा पार्षद निधि वअन्य मदो से तथा कुछ धार्मिक कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं से भी चंदा कर देने की बात कही गई थी तब अंततः सरगुजा की आराध्य देवी व इनके नाम पर अंबिकापुर रचा गया उनके प्रवेश द्वार का निर्माण को लेकर इस निम्न स्तरीय की कार्य कर राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है जो यह प्रदर्शित करता है कि आज भी अंग्रेजों के शासनकाल की तरह लोकतांत्रिक प्रणाली में भी जाति धर्म को लेकर फिर से बढ़ावा देने का कार्य कर रही है यह बात प्रबुद्ध जनों के जवान पर आम चर्चा का विषय बना हुआ है कि आज अंबिकापुर शहीत सरगुजा जिले लगभग सभी ग्रामों में कब्रिस्तानों से लेकर श्मशान घाटो तक बिजली पानी सड़क आदि की व्यवस्था की जा रही है वहीं सरगुजा जैसे सभी धर्मों  के आस्था का प्रमुख केंद्र  
महामाया प्रवेश द्वारा निर्माण के संबंध में आज महीने भर के भीतर तक भी इसके लिए समान सभा में नगर निगम द्वारा प्रस्तुति की ड्राइंग रिपोर्ट तक प्रस्तुत नहीं कर पाना कई सवालों को खड़ा करता है वह अपने आप में भी एक वर्ग विशेष के संबंध में कार्य करना प्रदर्शित करता है इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज ने महापौर को पत्र लिखकर अतिशीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि आस्था का महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक केन्द्र महामाया मंदिर का स्वागत द्वार महामाया मंदिर मार्ग चौड़ीकरण के समय हटा दिया गया था जिसके पुर्ननिर्माण के लिए नगरवासियों एवं नगर के जनप्रतिनिधियों द्वारा विगत 5-6 माह से लगातार प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों द्वारा भी समिति बनाकर महामाया द्वार निर्माण हेतू राशि एकत्रित की जा रही थी। 5 अप्रैल को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में महामाया स्वागत द्वार निर्माण के संबंध में सदन में विस्तार से चर्चा की भी हुई है एवं सदन में महापौर द्वारा महामाया कारीडोर के निर्माण हेतू शासन से राशि स्वीकृति की जानकारी भी दी गई थी। वहीं अतिरिक्त विषय के रूप में महामाया कारीडोर के निर्माण के लिए समस्त पार्षदों एवं एल्डरमेन द्वारा भी एक-एक लाख रुपए पार्षद निधि से स्वीकृति की सहमति प्रदान की गई है। जिसके अनुरूप में भव्य महामाया प्रवेश द्वारा एवं कारीडोर निर्माण का प्राकलन एवं नक्शा 10 दिनों के अन्दर निर्माण कर सदन के प्रमुख सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रस्ताव पारित किया गया था श्री प्रबोध मिंज ने बताया कि मा महामाया प्रवेश द्वार निर्माण समिति एवं नागरिकों द्वारा भी सामान्य सभा के बैठक के दिन सैकड़ों की संख्या में आकर इस संबंध में निगम का ध्यान आकृष्ट कराया था। परंतु 20 दिन गुजर जाने के बाद भी इसका ड्राईंग डिजाईन प्रस्तुत नहीं किया
जा सका है। नेता प्रतिपक्ष ने महापौर को इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए जन भावनाओं के अनुरूप अतिशीघ्र कार्यवाही कराने की मांग की है।