लुण्ड्रा /
लुण्ड्रा विकास खंड के ग्राम पंचायत चितरपुर में गत 16 जुन को भीगते पानी में लम्बी दूरी तय कर धौरपुर पहुंच एडीएम कार्यालय में चावल नहीं देने की शिकायत को लेकर कुछ ग्रामीणों द्वारा न्यायालय का घेराव किए जाने का खबर कुछ बेव पोर्टल व अखबार में प्रकाशित होने उपरांत तत्काल संज्ञान में लेते हुए क्षेत्रीय विधायक प्रबोध मिंज के निर्देश में जनपद अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पावले के नेतृत्व में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अभिषेक पावले अमित गुप्ता सहित धौरपुर भाजपा मंडल के पदाधिकारी तत्काल चितरपुर ग्राम पहुंचे एवं खाद्य निरीक्षक को भी त्वरित जांच कर वस्तु स्थिति से अवगत कराने कहा
ग्रामीणों एवं दुकान संचालक महिला स्वयं सहायता समूह से पूछताछ करने एवं खाद्य निरीक्षक के जांच में यह स्पष्ट हुआ कि राशन दुकान संचालन में अनियमितता बरती गई है खाद्य निरीक्षक गौर सिंह जात्रे ने बताया कि उक्त स्वयं सहायता समूह पर पहले से ही प्रकरण की जांच चल रही है उन्होंने यह भी बताया कि एक माह का स्टॉक की भी कमी है । इसके अलावा सबसे प्रमुख कारण सर्वर बाधा बताई गई घंटों कभी-कभी तो दिनभर मशीन का सर्वर बंद रहती है जिसकी वजह से वितरण नहीं हो पा रही है तथा 1 दिन में अधिक से अधिक 40 से 50 हितग्राहियों को ही थम मशीन के द्वारा वितरण किया जा सकता है जिस पर जनपद अध्यक्ष एवं पदाधिकारीयों ने खाद निरीक्षक को भी फटकार लगाते हुए कहा कि 3 महीने से चल रही जांच आखिर आज तक क्यों पूरी नहीं हो पाई उन्होंने तत्काल जांच कर उचित कार्यवाही करने निर्देशित किया ।
जनपद अध्यक्ष एवं मंडल उपाध्यक्ष अभिषेक पावले ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कांग्रेस के तथाकथित व्यक्ति विशेष लोगों द्वारा दर्जनों व्यक्तियों को राशन नहीं मिलने की बात कहते हुए शासन की छवि धुमिल करने के उद्देश्य से बगैर सच्चाई जाने या जनप्रतिनिधियों से शिकायत या जानकारी दिए बगैर हडताल धरना करने की चेतावनी देते हुए भोले भाले आदिवासी लोगों को बरगला कर भीगते बारिश में पैदल यात्रा करा धौरपुर ले जाया गया । जो महज एक राजनीतिक साजिस व बेवजह वाहवाही लूटने का नाकाम कोशिश था यह इस बात से प्रमाणित होता है कि जिन लोगों ने भोले भाले आदिवासी लोगों को 8 से 10 किलोमीटर की लंबी दूरी भिगते बारिश में चलने विवस किया था उन्हीं लोगों के पास फोर व्हीलर इत्यादि गाड़ी है बावजूद ग्रामीणों की हितैसी बनने वाले नेतृत्वकर्ता नेता भोले भाले आदिवासी महिला पुरुष ग्रामीणजनों को पैदल चलने के लिए मजबूर व विवस कीया जिससे उनके द्वारा की जा रही इस ओछी राजनीति की चाल को ग्रामीणजन आसानी से समझ रहे हैं । फिलहाल भाजपाइयों ने खाद्य निरीक्षक की उपस्थिति में पूरे तीन माह के राशन का वितरण ग्रामीण जनों को कराया ।
विदित हो कि कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि वितरणकर्ता समूह का सदस्य कथित तौर पर नहीं है और तीन के जगह दो माह का ही राशन बांट रहा था जिस पर खाद निरीक्षक जात्रे ने कहा कि उक्त मामले की भी जांच चल रही है और जल्द ही कार्यवाही से भी अवगत करा दी जाएगी फिलहाल सभी हितग्राहियों को 3 महीने की राशन का वितरण कराया जा रहा है
बहरहाल जिस तरह से मामले को लेकर बात निकल कर सामने आ रही है इससे चितरपुर के स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान वितरण प्रणाली में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार बरते जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है तथा खाद्य निरीक्षक की भूमिका पर भी सवालिया निशान उठ रहा है फिलहाल जांच के बाद ही इस पर कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
