छत्तीसगढ़ टुडे 24 राजीव कश्यप
दिनांक 26.07.2023 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर श्री राम कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के सचिव श्री अमित जिन्दल ने बाल संप्रेक्षण गृह अम्बिकापुर में जांच / विजिट की तथा विधिक सहायता शिविर का आयोजन कर जानकारी दी कि भारतीय संविधान में अनेक मूल कर्तव्य है जिसमें से एक कर्तव्य यह है कि प्रत्येक नागरिक संविधान का पालन करें तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज तथा राष्ट्रागान का आदर करें। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51-ए (जी) के तहत प्रत्येक नागरिक का यह मूल कर्तव्य है कि वह प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें। श्री जिन्दल ने यह भी कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र का भविष्य है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 24 में चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चे को किसी कारखाने या खान या खतरनाक काम में न लगाये जाने का प्रावधान है तथा अनुच्छेद 39 ई में बालको की सुकुमार अवस्था का दुरूपयोग रोकने का प्रावधान है तथा अनुच्छेद 39 एफ में बालको को स्वस्थ विकास के अवसर और सुविधाए दिये जाने का प्रावधान है तथा सविधान की इन्ही भावनाओ को ध्यान रखते हुए नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाये और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाऐं) योजना, 2015 लायी गई जिसमें बालको के सर्वोत्तम हित, बाल कल्याण की बात की गई तथा किशोरो को विधिक सेवा के माध्यम से अधिवक्ता दिए जाने का प्रावधान है। तथा बच्चो के अधिकारो के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार का प्रावधान है। श्री जिन्दल ने बताया कि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार किसी भी बालक से 3 घण्टे से ज्यादा लगातार काम नही कराया जा सकता जिसके बाद उसे आधे घन्टे के लिए आराम के लिए समय दिया जायेगा। कार्यक्रम में चीफ लीगल डिफेंस काउसिंल श्री जे. पी. गुप्ता, एसिसटेंट लीगल डिफेंस काउसिंल कुमारी नुसरत कादरी भी उपस्थित थी।
