Current Date:19 Jun 2026





लुण्ड्रा क्षेत्र में जनमन योजना की सड़कें चढ रही भ्रष्टाचार की भेंट? निर्माण के तत्काल बाद उखड़ने लगी सड़कें, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

किरकिमा वासियों ने कार्य बंद कराने दी चेतावनी

लुण्ड्रा क्षेत्र में जनमन योजना की सड़कें चढ रही भ्रष्टाचार की भेंट? निर्माण के तत्काल बाद उखड़ने लगी सड़कें, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सीजी टुडे24 राजीव कश्यप लुण्ड्रा,
 शासन की महत्वाकांक्षी जनमन योजना के तहत पहुंच विहिन व कोरवा बाहुल्य क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये सरकार द्वारा खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन लुण्ड्रा क्षेत्र में शासन प्रशासन की उदासीनता एवं निर्माण एजेंसी विभाग व ठेकेदार की मनमानी से सरकार की मंशा पर पानी फेर योजना पर पलिता लगाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं ।
  सर्व विदित हो कि लुण्ड्रा जनपद पंचायत क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों  में बन रही सड़कें निर्माण के शुरुआती दौर में ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने लगी हैं। इक्का-दुक्का सड़क की बात छोड़ दे तो सभी सडकें  बनने के साथ ही उखड़ना शुरू हो जा रही है हालांकि इस पर विभाग दलिल देता है कि मानक के एस्टीमेट के अनुरूप ही  काम हो रहा सरकार का मानक ही इसमें कम है पर यह दलील मात्र भ्रष्टाचारियों को छुपाने का तरीका है

   जनमन योजना के तहत बन रहे सड़क का ताजा उदाहरण   विकासखंड के ग्राम पंचायत किरकिमा के कोरवा पारा डुमर खोली में बन रही सड़क को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है जो महज निर्माण के 8 से 10 घंटे के भीतर ही उखड़ना चालू हो गई  ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण सड़कें बनने के साथ ही उखड़ने लगी हैं।
किरकिमा के ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण प्रारंभ होने से वर्षों से आवागमन की सुविधा को लेकर समस्या से मुक्ति मिलने की आश जगी थी किंतु घटिया व स्तरहीन निर्माण से 
आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद थी धरी की धरी रह गई निर्माण के चंद घंटे के भीतर ही सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से निकल रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा मानकों की अनदेखी कर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी भी इस पर आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं उन्होंने कहा कि इस पर शासन प्रशासन की मौन सहमति से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन  यदि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्ता जांच करती , तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण सरकारी राशि और योजना  का खुलकर दुरुपयोग हो रहा है और विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। 
क्षेत्र के नागरिकों  ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सड़क का पुनर्निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। वहीं किरकिमा के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि  गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण  कार्य पुनः  नये सिरे से नहीं कराई गई एवं दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे निर्माणाधीन कार्य को बंद करा आंदोलनों के लिए बाध्य होंगे।