सीजी टुडे 24 राजीव कश्यप
छत्तीसगढ़ के चारों ओर आज प्राकृतिक संसाधनों की लूट की शुरुआत हो चुकी है। इतने कोल, बाक्साइड और लौह खदान खुलने वाले हैं जिसकी संख्या हाथों पर आप नहीं गिन सकते। जिस उदयपुर और हसदेव क्षेत्र में केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहते उस समय के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के मांग पर केवल एक कोल खदान को अनुमति दी गई थी और यह कहा गया था कि इसके आगे इस क्षेत्र में नई खदानें नहीं खोली जा सकती, कई नियम और नई खदानों को अनुमति नहीं मिल सकती इसकी लक्ष्मण रेखा खींच दी गई थी। उसे केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही रावण को घर में घुसाने लक्ष्मण रेखा को ही मिटा दिया गया। आज 1 के स्थान पर कई खदानें खुल गई और लगभग 23 खदानें चिन्हांकित हैं। केते एक्शटेंशन को मंजूरी के बाद अब हमारे रामगढ़ का अस्तित्व संकट में है। उक्ताशय पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव ने रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि इनकी भूख बढ़ती ही जा रही है। ये लगातार हमारी प्राकृतिक संपदाओं को लूट रहे हैं।
टी एस सिंह देव ने सामने बैठे लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सब ही बताइए कि कौन और कहाँ ऐसा करता है कि ऐतिहासिक मंदिर के स्थान पर नई भव्य मंदिर बनवाये तो ये समझ लीजिए ये सरकार की कुटिल चाल है जो ऊपर से मूर्ति को लाकर यहां स्थापित करेगी। सरकार भी यह मानती है कि रामगढ़ में दरारें आ रही है तभी सरकार भव्य मंदिर बनाने भूमिपूजन कर रही है। पत्थरों में सरकार ने लिखवा रखा है बच कर रहिये चट्टानों में दरारें हैं। टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों उत्तर से दक्षिण और फिर कई दिशाओं में सरकार खदान खोलने लगातार काम कर रही है। हमें समझना होगा लड़ाई केवल उन क्षेत्रों में नहीं लड़नी जहां लोग प्रभावित हैं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में हमें एकजुट होकर लड़ना है। लड़ाई, संघर्ष में हिस्सा जब तक हर जिले में शुरू नहीं होगा। हम सब इन बड़े पूंजीपतियों को नहीं सकेंगे। हम सब इन्हें तभी पराजित कर सकते हैं जब राज्य के अलग-अलग कोने में, अलग-अलग जिले में चल रहे आंदोलन, संघर्ष हर जिले का हो जाये, सभी एकजुट हो जाएं। टीएस सिंह देव ने उदयपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों से आये लोगों से पूछा कितने लोगों को अडानी में नौकरी मिली। हमारा जमीन, जल, जंगल, घर, परिवार सब बर्बाद हो रहा है और नौकरी बाहर वाले कर रहे हैं। यदि कुछ विकास हो, कुछ अच्छा हो तो एक बार समझ में आये, सबकुछ बर्बाद कर के हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए क्या छोड़ना चाहते हैं ये हम सब के लिए सोचनीय है। उन्होंने देश के अलग-अलग कोने में लेह-लद्दाख से लेकर दक्षिण भारत में चल रहे संघर्ष का उदाहरण दिया और कहा कि सामने एक बड़ी ताकत है जिसके लिए सरकार और पूरा सरकारी तंत्र काम कर रहा है, हम तभी जीतेंगे जब एकजुट होंगे। आज कि आप सबकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि आप सब आंदोलन को बल देना चाहते हैं।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि जब-जब आदिवासियों पर कोई मुसीबत आयी, जब-जब इनका जल, जंगल, जमीन उनसे छीना गया, आदिवासियों से एक न एक नेता निकला जिन्होंने विद्रोह किया। वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधूर जैसे कई उदाहरण हैं। तब अंग्रेजों के विरुद्ध देश के लिए लड़ाई लड़ी थी, आज अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ी के अच्छे जीवन के लिए हमें लड़ाई लड़ना है। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री है, लेकिन सबसे बुरी स्थिति आदिवासियों की ही हैं। चारों ओर खदान-खदान खुलती जा रही है। शांति पूर्वक प्रदर्शन करने वाले आम नागरिकों को उकसा कर उन पर कार्यवाही की जाती है। ये सरकार पूरी तरह अडानी, अम्बानी एवं पूंजीपतियों की गुलाम बन गई है। सामने चेहरा तो सरकार का है लेकिन पीछे अडानी जैसे लोग हैं जो पूरे तंत्र को चला रहे हैं। काँग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा की लड़ाई, संघर्ष किसका है यह न देखते हुए हर संघर्ष में हमें आवाज़ देना है, सम्मिलित होना है, बस्तर से लेकर सरगुजा तक कि लड़ाई में सम्मिलित होकर हमें अपने जल, जंगल, जमीन की रक्षा करनी है। सभी के एकजुट प्रयास से ही ऐसी बड़ी ताकतों को दबा पायेंगे। लोकतंत्रात्मक तरीके से गांधी जी के बताये मार्ग पर चल कर हमें जीतना है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि अंग्रेजी कंपनी के विरुद्ध हमने एक लड़ाई देश को आज़ाद करने लड़ी थी और सबकी एकजुटता ने देश को आज़ादी दिलाई। आज फिर से देश पर कंपनी राज हावी है जो देश के हर हिस्से में देश की पूरी तंत्र पर ही कब्जा करना चाहता है। जल, जंगल, जमीन, हवाई अड्डा, पोर्ट, रेल सब पर उन्हें कब्जा चाहिए। कभी भी कोई कंपनी इस देश की मालिक नहीं हो सकती। देश की मालिक यहां की जनता है। मुझे आज एक चीज देख कर खुशी हुई कि जिनके पास अत्याधुनिक साधन, संसाधन की कमी है, जिन्हें गरीब कहा जाता है, आदिवासी कहा जाता है उनके पास इन कंपनियों और जन विरोधी सरकार के विरुद्ध लड़ने का साहस है। लेकिन हम सब जिन बड़े शहरों में रहते हैं, जिनके पास सारे संसाधन हैं वे सरकार के विरुद्ध बोल नहीं पाते। मुझे आप सबको देख कर यह लग रहा है कि निश्चित ही आप सब की एकजुटता कंपनी और सरकार को पराजित कर सकती है।
सर्व आदिवासी समाज के विनोद नागवंशी ने कहा की हम समृद्ध धरती के बेरोजगार लोग हैं। जहां के खनिज पर कोई और अधिकार हासिल कर कमाई कर रहा है, लेकिन हम कुछ नहीं कर पा रहे, ऊपर से आवाज़ उठाने पर हम पर ही कार्यवाही हो जाती है। यह समस्या केवल सरगुजा की नहीं है यह पूरे छत्तीसगढ़ की है, पूंजीवाद का जोर इतना तेज हो गया है देश पर की सरकार इनके आगे घुटने टेके बैठी है। इसलिए ऐसी सरकार हमें बनानी है जो जनता की सुनती हो न कि बड़े-बड़े कंपनियों की।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर सामाजिक कार्यकर्ता रमाकांत ने कहा कि दुनिया में सुई से लेकर बड़े औजार तक बनाने वाला मजदूर है और सबको पालने वाला, पेट भरने वाला अन्नदाता किसान है। और देश में सबसे ज्यादा परेशान यही दोनों लोग हैं। इस राज्य से कर्क रेखा गुजरी है जहां साल और सागौन के वृक्ष काफी संख्या में हैं, जिन्हें लगातार काटा जा रहा है। यदि इसी तरह हसदेव जंगल कटता रहा तो कोरबा, बिलासपुर तक जल संकट का सामना करेंगे। यह लड़ाई समूचे छत्तीसगढ़ के अस्तित्व की लड़ाई है।
हसदेव बचाव मंच के आलोक शुक्ला ने कहा कि केते एक्शटेंशन के जरिये 5000 एकड़ में 7 लाख पेड़ कटेंगे। जबकि यह एक निर्धारित माप के हैं, इसमें छोटे पौधे, कम मोटाई के पौधे शामिल ही नहीं हैं। 4 लाख हेक्टेयर के क्षेत्र में बाँगों से सिंचाई होती है। आगे भकूरमा एवं तारा कोल क्षेत्र में भी लगभग 20,000 एकड़ में पेड़ों का कटना है। ऐसे में यदि हम एकजुट नहीं हुए तो रामगढ़ सहित कई चीजें, कई जल स्रोत खत्म हो जाएंगे। यह अडानी और सरकार की बड़ी साजिश है।
कार्यक्रम को रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों से जुड़े लोगों ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के सिद्धार्थ सिंहदेव, राजनाथ सिंह, ओम प्रकाश सिंह, रायगढ़ के अनिल अग्रवाल, हरिहरपुर की सुनीता पोर्ते, सामाजिक कार्यकर्ता गंगा राम पैंकरा, ए आर कोरार्म, सुदेश टिकम सहित कई लोगों ने परिचर्चा में अपनी बातें रखीं।
इस दौरान ग्रामीणों ने लगातार हो रहे हवाई सर्वे को लेकर नाराज़गी जतायी और यह संभावना जतायी की जहां से भी ये हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर गुजर रही है कहीं उस गांव में भी खदान न खुल जाये। हवाई सर्वे को लेकर ग्रामीणों ने भविष्य की चिंता प्रकट की। रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित इस परिचर्चा में राज्य के पांचों संभाग से सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न जनांदोलनों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता एवं आन्दोलनकारी सहित उदयपुर के प्रत्येक ग्राम पंचायत सहित लखनपुर, अम्बिकापुर शहर व ग्रामीण, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, प्रेमनगर, श्रीनगर, सूरजपुर सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 5 से 6 हजार की संख्या में ग्रामीणजन तेज गर्मी के बावजूद रामगढ़ व हसदेव की संरक्षण हेतु एकत्रित हुए।
सरगुजा
Admin
14 Jun 2026
भाजपा ने ट्रिपल इंजन सरकार बनते ही रावण को घर में घुसाने लक्ष्मण रेखा को ही मिटा दिया आज रामगढ़ का अस्तित्व ही संकट में- टीएस सिंहदेव
रामगढ़ में संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा परिचर्चा कार्यक्रम में पहुंचे कई दिग्गज
Related News
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 753
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 754
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 755
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 756
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 757
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 767
Notice: Trying to access array offset on value of type null in /home/astrocha/cgtoday24.com/news.php on line 768