प्रार्थी आनंद राम शाह ने बताया कि मेरे संकुल केंद्र बुलगा संकुल केंद्र अंतर्गत प्राथमिक शाला सरई पारा व प्राथमिक शाला बुलगा में स्कूल भवन मरम्मत का काम चल रहा है जिस का निर्माण मेरे स्वयं के द्वारा इंजीनियर के देखरेख में गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जा रहा है कार्यस्थल पर सीमेंट खत्म हो जाने के कारण सीमेंट लेने और छत में शेड लगाने हेतु वेल्डिंग मिस्त्री जो तहसील कार्यालय के सामने स्थित मकान में निवास करता है वहीं पर बगल में रुक कर चंद फर्लांग की दूरी पर स्थित उसके घर अपने मित्र मोहम्मद आरिफ खान को भेजा कि मिस्त्री है कि नहीं पता करके आइए और मैं अपने गाड़ी के पास ही बाहर खड़ा हो गया इसी बीच रामाशंकर यादव जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है केवल मेरे ससुराल पक्ष की ओर से जमीन संबंधी केस किया गया है वह आकर पीछे से आकर अचानक मेरे को धकेल दिया जिससे मैं मुंह के बल सामने की ओर गिर गयाऔर गिरने के बाद ऊपर से पैर रखकर मुझे लात जूता हाथ से ताबड़ तोड़ मारने लगा इसी बीच वहां पर मार्केट लगा रहे व अन्य लोगों द्वारा बीच-बचाव करने पर किसी तरह मैं वहां से उठा और सीधे भागते हुए थाना घुसकर अपनी जान बचाई और थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाया
दर्जनों से भी ज्यादा कई मामलों में अपराधिक प्रकरण है दर्ज है वही हमारे विश्वसनीय सूत्रों की माने तो रामाशंकर यादव शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों से लेकर आम व्यक्तियों को परेशान करने के नाम पर आए दिन सुर्ख़ियों में रहता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विकासखंड के 70 में से कम से कम 30 से 40 ग्राम पंचायतों व विभिन्न कार्यालयों में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई लगाया गया है सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का कानून सरकार द्वारा इस उद्देश्य को लेकर लाई गई थी की शासन-प्रशासन व अन्य कई मामलों में भ्रष्टाचारी अनियमितता तथा निष्पक्षता से आम जनता अवगत हो सकें और लोकतांत्रिक प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे किंतु रामाशंकर जैसे कई अन्य लोग भी हैं जो अपने आप को समाज सेवक तथा जनताओं का हितेषी बन दिखावा करते हुए अधिनियम का गलत फायदा उठाते हुए अवैध कमाई का जरिया बना लिए हैं जिस पर शासन प्रशासन को भी अंकुश लगाते हुए ऐसे तथ्यहीन व बिना तर्क के आमजनताओ के समस्या से परे निराधार आरटीआई लगा बेवजह अनावश्यक रूप से शासकीय अर्ध शासकीय तथा निजी व्यक्तियों के कीमती समय को खराब कर मानसिक रूप से परेशान एवं सूचित किया जाता था ऐसे तथाकथित व्यक्तियों को के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की भी मांग किया गया है
हालांकि समाचार लिखे जाने तक मुलाहिजा रिपोर्ट नहीं आने के कारण पुलिस के पछ तरफ से अभी एफ आई आर दर्ज नहीं की गई है पुलिस द्वारा मामले की सक्रियत पुर्वक एवं निष्पक्ष जांच में जुटी हुई है इस संबंध में थाना प्रभारी संदीप कौशिक ने कहा कि जैसे ही रिपोर्ट वह खाली करवा ही पूरी हो जाएगी तत्काल उचित एवं निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं वैज्ञानिक कानूनी कार्यवाई की जाएगी बहरहाल खबर प्रकाशन के बाद अब देखना यह है कि इस मामले में कार्यवाही के नाम पर कोई कड़ी का कार्यवाही होती है या फिर महज छोटी मोटी धारा लगाकर खानापूर्ति कर ली जाती है यदि इसमें भी ढुलमुल रवैया अपनाया गया तो ऐसे तत्व के लोगों को और बढ़ावा मिलेगा तथा अनैतिकता कृत्य की घटना
लगातार बढ़ती जाएगी जिससे क्षेत्र आसान्त हो सकता है इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कोई बड़ी दुर्घटना भी घटीत हो सकती है
