Current Date:01 Jun 2026





छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर बैन हटा, 14 से 25 जून के बीच होंगे तबादले कैबिनेट बैठक में नौ अहम फैसले

प्रभारी मंत्री एवं विभागीय मंत्री को मिला पावर

छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर बैन हटा, 14 से 25 जून के बीच होंगे तबादले कैबिनेट बैठक में नौ अहम फैसले
सीजी टुडे 24 ब्युरो

साय कैबिनेट की 29वीं बैठक में स्थानांतरण नीति को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। सभी विभागों में ट्रांसफर पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया है। नई नीति के तहत 14 जून से 25 जून के बीच तबादले होंगे। इसके लिए आवेदन 6 जून से 13 जून तक आमंत्रित किए जाएंगे।
स्थानांतरण नीति 2025 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़े गए हैं-जिनमें न्यूनतम सेवा अवधि, अनुसूचित क्षेत्रों में विशेष शर्तें और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट ने इस निर्णय के साथ-साथ कुल नौ प्रस्तावों को स्वीकृति दी, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के प्रशासन, संस्कृति, खेल, युवा कल्याण रियल एस्टेट पर पड़ेगा।
स्थानांतरण नीति 2025 की प्रमुख बातें
जिला स्तरीय ट्रांसफर 14 से 25 जून तक प्रभारी मंत्री की अनुमति से, जबकि राज्य स्तरीय स्थानांतरण विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे।
आवेदन केवल 6 जून से 13 जून तक लिए जाएंगे।
न्यूनतम दो वर्षों की सेवा अनिवार्य होगी, जबकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या सेवानिवृत्ति से पहले के एक साल वाले मामलों में छूट मिलेगी।
अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए एवजीदार अनिवार्य रहेगा।
  सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिलों में रिक्त पदों की प्राथमिकता से भर्ती की जाएगी।
तृतीय श्रेणी में अधिकतम 10% और चतुर्थ श्रेणी में 15% कर्मचारियों का ही ट्रांसफर किया जा सकेगा।
प्रशिक्षणाधीन कर्मियों के ट्रांसफर नहीं होंगे।
पति-पत्नी की एक स्थान पर पोस्टिंग सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। सभी आदेश ई-ऑफिस माध्यम से जारी होंगे 5 जून 2025 से सभी जिला स्तरीय संलग्नीकरण समाप्त माना जाएगा।25 जून के बाद ट्रांसफर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।आपत्ति की स्थिति में 15 दिन के भीतर राज्य स्तरीय समिति में अभ्यावेदन किया जा सकेगा।
अन्य प्रमुख कैबिनेट निर्णयः
1. दामाखेड़ा का नाम बदला गया – अब होगा “कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा"
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत दामाखेड़ा गांव का नाम अब आधिकारिक रूप से कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा 23 फरवरी 2024 को संत समागम में की गई घोषणा को अब मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल गई है।
2. दो अन्य ग्राम पंचायतों का भी नाम बदला गया
कबीरधाम ज़िले के कवर्धा तहसील के गदहाभाठा को अब सोनपुर कहा जाएगा।
बोड़ला तहसील के चण्डालपुर का नया नाम होगा चन्दनपुर।
नवा रायपुर में 'कलाग्राम' की स्थापना को मंजूरी
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में 10 एकड़ भूमि संस्कृति विभाग को आवंटित की गई है। यह 'कलाग्राम' शिल्पकारों, लोक कलाकारों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच बनेगा।
राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी का रास्ता साफ
13.47 एकड़ भूमि खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नवा रायपुर में दी गई है। प्रस्तावित अकादमी में आधुनिक आउटडोर-इनडोर रेंज, छात्रावास और आवासीय सुविधाएं होंगी।
किफायती जन आवास नियम 2025 को मंजरी
राज्य के निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ते भूखंड देने के लिए नई नीति पारित की गई है। इससे अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकास सुनिश्चित होगा।
'छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान' योजना शुरू
राज्य में उत्कृष्ट युवा और संगठनों को हर साल सम्मानित किया जाएगा:
एक युवा को ₹2.5 लाख तक की राशि, पदक, प्रमाण पत्र व शॉल ।
एक संस्था को ₹5 लाख तक की राशि व सम्मान।
अलग-अलग क्षेत्रों जैसे- साहित्य, शिक्षा, नवाचार, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, पर्यावरण, लोककला, विज्ञान, दिव्यांगजन सशक्तिकरण आदि में भी ₹1 लाख तक के अलग पुरस्कार।केवल 15-29 वर्ष के छत्तीसगढ़ निवासी पात्र होंगे।
सरकारी कर्मचारी, उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के कार्मिक अयोग्य माने जाएंगे।
खेल प्रशिक्षक भर्ती में शिथिलीकरण
एक वित्तीय वर्ष तक राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्था पटियाला से डिप्लोमा संबंधी शर्तों में छूट दी गई है। इससे स्थानीय युवाओं को खेल प्रशिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।
'छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30' को मंजूरी
ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ाने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में यह नीति निर्णायक होगी। पर्यटक गांवों में रहकर संस्कृति, जीवनशैली और लोककला का अनुभव ले सकेंगे। बस्तर व सरगुजा क्षेत्र इस योजना के केंद्र में रहेंगे।
बता दें कि साय कैबिनेट की यह बैठक केवल स्थानांतरण नीति तक सीमित नहीं रही। ग्रामीण पर्यटन से लेकर खेल, संस्कृति और आवास तक की योजनाओं ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार  बहुआयामी विकास की दिशा में ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है