Current Date:02 Jun 2026





सिलसिला एलुमिना प्लांट मे लापरवाही से हुआ बड़ा हादसा मलबे में दबे मजदूर की मौत जाने पूरा मामला

कोयला से लोड हॉपर व 150 फुट बेल्ट गिर जाने से दबे मजदूर राजीव कश्यप

सिलसिला एलुमिना प्लांट मे लापरवाही से हुआ बड़ा हादसा  मलबे में दबे मजदूर की मौत जाने पूरा मामला
सरगुजा जिला अन्तर्गत लुण्ड्रा ब्लाक के सिलसिला में संचालित मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में रविवार को बड़ा हादसा हो गया है। एलुमिना प्लांट का कोयला से लोड हॉपर व करीब 150 फुट बेल्ट गिर जाने से उसके नीचे काम कर रहे 8 से 9 मजदूर दब गए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दोपहर 12.30 बजे तक पांच मजदूरों के बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया। हॉपर के नीचे अभी भी चार मजदूरों के दबे होने की जानकारी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में सुबह करीब 11 बजे काम के दौरान कोयला लोड हॉपर नीचे गिर गया। हॉपर से ब्रायलर तक कोयला ले जाने वाली बेल्ट भी फ्रेम सहित नीचे गिर गई। हादसे के दौरान मौके पर काम कर रहे 8 से 9 मजदूरों के हॉपर एवं कोयले में दबे  होने की जानकारी सामने आ रही है हालांकि अभी अधिकृत रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है

पांच मजदूरों को निकाला गया बाहर मची अफरातफरी,
 मजदूर हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्लांट में काम करने वाले मजदूरों ने हाइड्रा व जेसीबी सहित मशीनों से मलवा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया। उन्हें आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंबुलेंस से भेजा गया। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचने पर दो मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया है व अन्य 2 की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मलवा हटा
रेस्क्यू का काम जारी था

सूचना पर पहुंची रघुनाथपुर पुलिस हटाया जा रहा मलवा
इधर घटना की सूचना पर रघुनाथपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह की टीम सदल बल मौके पर पहुंच कंपनी के प्लांट में हाइड्रा व जेसीबी मंगाकर एवं गैस कटर से लोहे को काटकर मलवा हटाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबे में तीन से चार मजदूर दबे हुए हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।घटना से एलुमिना प्लांट में हड़कंप मचा हुआ है। एलुमिना प्लांट का संचालन मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। बता दें कि प्लांट का आसपास के ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था, जिसके कारण यह चर्चा में आया था। प्लांट में मैनपाट से लाए गए बाक्साइट का परिशोधन कर एलुमिना बनाया जाता है।
लापरवाही के कारण गिरा हॉपर
बताया जा रहा है कि कोयला लोड जो हॉपर गिरा है, उसमें पहले भूसा भरा जाता था एवं भूसे से प्लांट का ब्रायलर चलता था। 01 सितंबर से इस हॉपर में कोयला डाला जाने लगा एवं कोयले से ब्रायलर चलाया जा रहा था। हॉपर भूसा भरने की क्षमता के हिसाब से बनाया गया था, जबकि कोयला भरे जाने से हॉपर ओव्हरलोड हो गया एवं वजन नहीं संभाल पाने के कारण गिर गया।अब वस्तु स्थिति पूरी जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी