सीजी टुडे 24 राजीव कश्यप
उत्तर छत्तीसगढ़ के लोगों के बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार से मुलाकात कर क्षेत्र की प्रमुख रेल संबंधी मांगों को लेकर चर्चा की। सांसद ने उत्तर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधा विस्तार के लिए अंबिकापुर- बरवाडीह तथा अंबिकापुर- रेणुकूट रेल लाइन निर्माण पर जोर दिया है। रेल सुविधाओं में वृद्धि को लेकर सांसद ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को मांग पत्र भी सौंपा है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज ने मांग की है कि जनजातीय क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अंबिकापुर-रेणुकूट रेल मार्ग सर्वाधिक उपयुक्त है, जिसके पर्याप्त तार्किक, व्यवहारिक एवं आर्थिक आधार हैं, इस मार्ग से सरगुजा संभाग के लोग कम दूरी व समय में सीधे बनारस व दिल्ली से जुड़ पाएंगे और अनेक जनजातीय कलाकृतियां, वनोगज एवं स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा।व कम दूरी और लागत की रेल परियोजना है। सांसद ने बताया कि रेणुकूट रेल लाइन से देश के आराध्य भगवान श्रीराम जी की जन्मभूमि अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, जगन्नाथपुरी से जुड़कर एक धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के अवसर का सुजन करेंगे, जिससे धर्म परायण जनता को सुविधा मिलेगी। पुरी को प्रयागराज से जोड़ने की ओडीसा सरकार की मांग(झारसुगड़ा-अंबिकापुर-प्रयागराज) बहुत पुरानी व समीचीन है जो इस मार्ग से फलीभूत होगी। सरगुजा अंचल कोयला उत्पादन के लिए जाना जाता है, साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश का सिंगरौली क्षेत्र भी कोयला उत्पादक क्षेत्र है। आपस में जुड़ जाने पर यह कोयला परिवहन के लिए स्वर्णिम अवसर उपलब्ध कराएगा जो आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक लाभप्रद एवं व्यवहारिक है, इस क्षेत्र से प्रस्तावित सभी मार्गों में सर्वाधिक है। यह प्रस्तावित मार्ग अन्य वैकल्पिक मार्गों की तुलना में लघुतर, कम लागत वाला और अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी होगा।
सांसद की प्रमुख मांगों में यह है शामिल
सांसद ने सरगुजा क्षेत्र में रेल यातायात के विस्तार एवं यात्रा सुविधा की सुगमता हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्रमुख मांगों में अंबिकापुर-दिल्ली एक्सप्रेस (22407/22408) के परिचालन को सप्ताह में दो बार करने, विश्रामपुर में ठहराव, पैंट्री कार की व्यवस्था, और स्लीपर कोच की संख्य बढ़ाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, शहडोल-नागपुर (11201/11202) ट्रेन को अंबिकापुर से नागपुर तक विस्तारित करने का भी प्रस्ताव दिया गया। लरेलवे स्टेशनों के विकास को लेकर सूरजपुर और विश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने और उन्हें शेड से कवर करने की आवश्यकता जताई गई। साथ ही. अनूपपुर-अंबिकापुर मेमू ट्रेन को पूर्व निर्धारित समयानुसार पुनः संचालित करने और अंबिकापुर से बिलासपुर-रायपुर के लिए सुबह इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की मांग की गई।
