Current Date:03 Jun 2026





आपदा पीड़ितों को आपदा पश्चात प्रदान की जाने वाली सहायता के सम्बंध में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर

प्रत्येकआपदा पीड़ित, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12(ई) के तहत निशुल्क विधिक सेवाएं प्राप्त करने के हकदार-श्री अमित जिंदल

आपदा पीड़ितों को आपदा पश्चात प्रदान की जाने वाली सहायता के सम्बंध में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर के सचिव श्री अमित जिंदल के मार्गदर्शन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर के PLV पंकज कुमार मिश्रा के द्वारा आज दिनांक 10/08/23 को उदयपुर के ग्राम सोनताराई हाई स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर वहां उपस्थित छात्रों को आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक सेवा योजना 2010 के अन्तर्गत आपदा चाहे प्राकृतिक हो या मानव जनित प्राय: पीड़ितों को घर और सम्पत्ति के नुकसान की त्रासदी झेलनी पड़ती है। आपदा के पीड़ित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12(ई) के तहत निशुल्क विधिक सेवाएं प्राप्त करने के हकदार हैं। इस योजना में सभी जिलों में एक सहायता केंद्र की स्थापना की परिकल्पना की गई है। जिसमें एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, एक युवा वकील, चिकित्सा कार्मिक और गैर-सरकारी संगठन शामिल होंगे जो कोई प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगे। सहायता केंद्र राहत सामग्रियों के वितरण, अस्थायी शरण स्थलियों एवं पुनर्वास उपायों के पर्यवेक्षण हेतु आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ-साथ अलग-अलग सरकारी विभागों एवं गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करता है। इसी प्रकार तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवा योजना 2015 के अन्तर्गत समस्त आयु समूह की महिलाओं को सम्मिलित करते हुए अवैध व्यापार के पीड़ित बच्चों एवं वयस्कों को प्रत्येक स्तर पर रोकथाम, बचाव एवं पुनर्वास हेतु विधिक सहायता प्रदान करता है। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करते समय, रालसा, डालसा एकीकृत बाल संरक्षण योजना, विशेष रूप से ग्रामीण स्तर बाल संरक्षण समितियों की स्थापना करता है। ये समितियां समुदाय के पंचायत सदस्यों, स्कूलों के अध्यापकों, छात्र-छात्राओं एवं माता-पिता से मिलकर बनायी जाती है।