Current Date:28 Jun 2026





बिरला ओपन माइंड स्कूल पर 1 लाख का जुर्मानाः किताबें-यूनिफॉर्म ज्यादा रेट में बेचना बिरला ओपन माइंड स्कूल को पडा भारी? लगा एक लाख का जुर्माना मान्यता रद करने चेतावनी लेकिन शहर में चल रहे दर्जनों स्कूलों का क्या?

परिजन सीधे PMO में किये थे शिकायत ; जांच के बाद हुई कार्रवाई

बिरला ओपन माइंड स्कूल पर 1 लाख का जुर्मानाः किताबें-यूनिफॉर्म ज्यादा रेट में बेचना बिरला ओपन माइंड स्कूल को पडा भारी? लगा एक लाख का जुर्माना मान्यता रद करने चेतावनी लेकिन शहर में चल रहे दर्जनों स्कूलों का क्या?

सीजी टुडे 24 राजीव कश्यप 

सरगुजा जिले के सरगवां में संचालित बिरला ओपन माइंड स्कूल पर DEO ने एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। स्कूल की ऑनलाइन शिकायत एक अभिभावक ने सीधे पीएमओ की वेबसाइट पर की थी। सर्व विदित हो कि प्रशासन यदि इस पर जांच करें तो शहर में दर्जनों ऐसे स्कूल है जो  ड्रेस किताब वह नियम विरुध फीस में मनमानी तरीके से हर वर्ष बढ़ा रहे हैंवहीं निर्धारित किसी ना किसी एक दुकानों पर सभी का सेटिंग है । हद की प्रकाष्टा तो यह है कि स्कूलों में पार्किंग गार्ड व कंडम बस से बच्चों कोलाया जा रहा है जिससे कभी भीकोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है नगर वासियों का आरोप है कि शासन प्रशासन ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है इस भर्राशाही के उजागर होने के बाद नगर वासियों एवं पालकों ने उम्मीद जताई है कि शहर में चल रहे अन्य कई स्कूलों की भी नियमों की जांच निष्पक्षता के साथ कार्यवाही की जाएगी या फिर केवल रटारटाया जवाब देते हुए यह कह कर पल्ला झाड़ लिया जाएगा की फलां स्कूल की शिकायत तो हमारे पास आई ही नहीं है क्या केवल शिकायत करने पर मात्र एक स्कूल पर कार्यवाही कर वाहवाही लुट जिम्मेदारी पूरी कर  मामले को इतिश्री कर दी जाएगी?बहरहाल यह आगे चलकर सबके समझ में आ जाएगा वैसे यह बात किसी से छुपी नहीं है कि स्कूल प्रबंधन से लेकर शिक्षा विभाग का सांठ गांठ लंबे समय से चल रहा है। 

बहरहाल इस मामले में सरगुजा डीईओ ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें स्कूल प्रबंधन पर एक ही दुकान से मंहगे दर पर किताब और ड्रेस मंहगे दामों पर बेचने की पुष्टि हुई। डीईओ ने एक लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए स्कूल की मान्यता समाप्त करने की चेतावनी भी दी है। 


 

परिजन सीधे PMO ऑफिस में किए थे शिकायत 

जानकारी के मुताबिक, स्कूल में जब अभिभावकों को मंहगी किताबें और ड्रेस लेने के लिए मजबूर करने किया गया तो राहुल अग्रवाल ने PMO के वेबसाइट पर शिकायत की थी। राहुल अग्रवाल की बेटी स्कूल में पढ़ती है।

शिकायत में स्कूल में NPE लागू नहीं होने, निजी प्रकाशक की पतली किताब भी 650 रुपए में बेचे जाने और स्कूल प्रबंधन द्वारा ड्रेस एवं किताबें निजी दुकानदार से खरीदने के लिए मजबूर करने का उल्लेख किया गया था।






 जांच में मिली अनियमितता 

सरगुजा DEO ने मणिपुर स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की जांच कराई। जांच में पता चला कि स्कूल में NCRT और SCERT की किताबें लागू नहीं हैं। नर्सरी की 10 पुस्तकें 2946 रुपए, एलके जी की किताबें 3692, यूकेजी की 4508 रुपए एवं पहली की किताबें 4546 रुपए की हैं।कक्षा पांचवीं की किताबें 6517 रुपए की एवं सातवीं एवं आठवीं की किताबें क्रमशः 7395 एवं 7578 रुपए की हैं। स्कूल संचालकों द्वारा कक्षा नर्सरी से लेकर मिडिल तक का ड्रेस भी एक ही दुकान से खरीदने मजबूर किया जा रहा है, जिसकी कीमत 4300 रुपए तक है।

जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि पतली किताब भी 650 रुपए की है, जो बहुत ज्यादा है। स्कूल द्वारा किताबों की फोटोकापी मान्य नहीं की जा रही है। किताब-ड्रेस एक ही फर्म किताब घर, भट्ठी रोड में बेचा जा रहा है। जो स्कूल प्रबंधन के अनुचित लाभ के लिए किया जाना प्रतीत होता है। 

DEO ने लगाया एक लाख का जुर्माना

जांच रिपोर्ट के आधार पर DEO, सरगुजा दिनेश झा ने स्कूल के संचालक को नोटिस भी जारी किया था, जिसका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। डीईओ ने स्कूल प्रबंधन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उक्त जुर्माना राशि तीन दिनों में चालान के द्वारा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।