Current Date:02 Jun 2026





भाजपा का सदस्यता अभियान प्रारंभ जाने कैसेकरना है सदस्यता ग्रहण, शाम 5:00 बजे बनेगें पीएम मोदी बीजेपी के सदस्य

विधानसभावार रिकॉर्ड रखने के लिए तकनीकी का किया जा रहा इस्तेमाल

भाजपा का सदस्यता अभियान प्रारंभ जाने कैसेकरना है सदस्यता ग्रहण, शाम 5:00 बजे बनेगें पीएम मोदी बीजेपी के सदस्य
BJP का सदस्यता अभियान आज 2 सितंबर से शुरु होगा। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद नरेंद्र मोदी को सदस्य बनाएंगे। इस अभियान में मिस्ड कॉल और नमो ऐप के जरिए सदस्यता ली जा सकती है। मध्य प्रदेश में डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी  ने एक बार फिर सदस्यता अभियान की शुरुआत  की है। कोरोना महामारी के कारण पिछले सदस्यता अभियान में कुछ सीमाएं थीं, लेकिन अब 2 सितंबर से नए सिरे से इस प्रक्रिया की शुरुआत हो रही है। इस अभियान की शुरुआत का खास मौका तब आएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा  सदस्य बनाएंगे।
25 सितंबर तक चलेगा सदस्यता अभियान
* सदस्यता अभियान की शुरुआत: 2 सितंबर से भाजपा का सदस्यता अभियान शुरु हो रहा है, जिसमें पार्टी के सभी मौजूदा और नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
 जेपी नड्डा द्वारा पीएम मोदी की सदस्यताः पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को सदस्य बनाएंगे, जिससे इस अभियान को एक महत्वपूर्ण शुरुआत मिलेगी।
* अभियान का पहला चरण: इस
सदस्यता अभियान का पहला चरण 25 सितंबर को समाप्त होगा।
अभियान का पहला चरण: इस
सांय 5 बजे बनेगें पीएम मोदी बीजेपी के सदस्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार मिस्ड कॉल के माध्यम से BJP की सदस्यता लेंगे। यह कार्यक्रम 2 सितंबर को शाम 5 बजे दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित होगा। कोई भी व्यक्ति 8800002024 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर या नमो ऐप के जरिए भाजपा की सदस्यता ले सकता है।
डुप्लीकेसी को रोकने के लिए एआई का इस्तेमाल
अभियान के तहत एक सिम से एक ही व्यक्ति पार्टी का सदस्य बन सकता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति एक बार सदस्य बनने के बाद दोबारा दूसरे नम्बर से सदस्यता के लिए अप्लाई करता है तो उसे रोकने के लिए एआई का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इससे सदस्यता अभियान में किसी तरह की डुप्लीकेसी की शिकायत नहीं आए, वहीं सदस्यता के वास्तविक आंकड़े ही सामने आएं। इसके अलावा लोकेशन मेपिंग, विधानसभावार रिकॉर्ड रखने के लिए भी तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है