भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय, अंबिकापुर में प्राथमिक उपचार परीक्षण शिविर के साथ रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जागरूकता कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आपातकालीन सहायता, मानव सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए बताया डॉ. श्रीकांत सिंह मेडिकल ऑफिसर, नवापारा ने प्राथमिक उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से सीपीआर की जीवन रक्षक तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की हृदय गति या श्वास रुक जाए, तो तत्काल और सही तरीके से दिया गया सीपीआर उसके जीवन को बचा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को छाती दबाव की सही विधि, गति एवं गहराई की जानकारी दी तथा आपात स्थिति में घबराने के बजाय त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. शारदा भगत पैथोलॉजिस्ट, शासकीय ब्लड सेंटर ने सुरक्षित एवं स्वैच्छिक रक्तदान की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त तीन जीवन बचाने में सहायक हो सकता है।
श्रीमती अंजुला मिश्रा काउंसलर, शासकीय ब्लड सेंटर ने रक्तदान एवं अंगदान के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यह मानवता की सर्वोच्च सेवा है, जिससे अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।
आर्यन सिन्हा, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा सरगुजा की ओर से नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मरणोपरांत दान समाज के प्रति अंतिम और सर्वोच्च योगदान है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह, कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती चंदा सिंह, आईक्यूएसी समन्वयक श्रीमती सुमन पाण्डेय, डॉ. रानी पांडे, नीरू त्रिपाठी, श्वेता तिवारी सहित बी.एड. द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के समस्त प्रशिक्षार्थीगण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सामाजिक सेवा के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में न केवल जागरूकता उत्पन्न की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही समय पर उठाया गया एक कदम किसी का जीवन बचा सकता है।
अंत में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा महाविद्यालय परिवार एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया गया।
