Current Date:02 Jun 2026





एलुमिना प्लांट हादसा, जीएम सहित छह के खिलाफ गैर जमानती नामजद अपराध दर्ज: संचालकों पर नहीं हुई है अपराध दर्ज

बड सकते हैं और नाम अधिकारी व कांग्रेस की जांच टीम भी पहुंची मौके पर

एलुमिना प्लांट हादसा, जीएम सहित छह के खिलाफ गैर जमानती  नामजद अपराध दर्ज: संचालकों पर नहीं हुई है अपराध दर्ज
राजीव कश्यप सीजी टुडे 24

सिलसिला एल्युमेनियम प्लांट में चार श्रमिकों की मौत मामले में पुलिस ने जीएम, सुपरवाईजर प्रोडक्शन मैनेजर सहित छ के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। एफ़आइआर में आरोपियों के नाम बढ़ सकते हैं।  
सरगुजा जिले के सिलसिला में एलुमिना प्लांट हादसे में प्लांट के जीएम सहित छह के खिलाफ लुण्ड्रा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया है। प्लांट में हुए हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई एवं तीन अन्य घायल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर द्वारा गठित जांच टीम के अधिकारी व कांग्रेस की जांच टीम भी मंगलवार को प्लांट पहुंची। हादसे के बाद फैक्ट्री में काम बंद है।

सरगुजा जिले के सिलसिला में स्थित मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में कोयला लोड हॉपर गिरने से सात मजदूर दब गए। इनमें से चार की मौत हो गई। एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रथम दृष्टया हॉपर में ज्यादा कोयला लोड होने की वजह से हादसा हुआ है। मामले में लुण्ड्रा पुलिस ने छह के खिलाफ धारा 106 (1) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने कंपनी के संचालकों के खिलाफ अभी अपराध दर्ज नहीं किया है।



इनके खिलाफ पंजीबद्ध हुई एफआईआर


मामले में पुलिस ने एलुमिना फैक्ट्री के जीएम राजकुमार सिंह, सुपरवाइजर रंजित चौधरी, प्रोडक्शन मैनेजर तेज मलानी, बॉयलर इंचार्ज बीके मिश्रा, ठेकेदार विपिन मिश्रा, बायलर इंजार्च राकेश कुमार सिंह व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

एफआईआर में बताया गया है कि कंपनी के मालिक ने अनुबंध के आधार पर एलुमिना रिफाइनरी का संपूर्ण काम ठेकेदार विपिन मिश्रा निवासी लुधियाना, पंजाब को सौंप दिया गया था। प्लांट में भूसा भरे जाने वाले हॉपर में क्षमता से अधिक कोयला भर दिया गया था, जिसके कारण रविवार सुबह 10.30 बजे बायलर चालू करने के दौरान कोयला से ओव्हरलोड हॉपर गिर गया। हादसे के दौरान 10 लोग मौके पर काम कर रहे थे, जिनमें से 7 हॉपर गिरने से चपेट में आ गए।


पहुंची प्रशासनिक जांच टीम


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा हादसे की जांच के निर्देश के बाद सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई है। जांच टीम के सदस्य एसडीएम लुण्ड्रा नीरज कौशिक सहित एसडीओपी लुण्ड्रा, जिला श्रम पदाधिकारी, प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग अंबिकापुर और औद्योगिक सुरक्षा अधिकारी अंबिकापुर बहादुर सिंह कंवर दोपहर में प्लांट पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद टीम लौट गई है।


कांग्रेस की जांच टीम भी पहुंची फैक्ट्री


जिला कांग्रेस कमेटी ने भी हादसे की जांच के लिए पूर्व विधायक रामदेव राम के नेतृत्व में कांग्रेस की जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। कांग्रेस जांच टीम के सदस्यों ने घटनास्थल पर प्रारंभिक जांच की एवं हादसे के कारणों के संबंध में पूछताछ की। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ।

जांच तक फैक्ट्री सील और दोषियों पर होगी कार्यवाही


सोमवार को सरगुजा सांसद चिंतामणि सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया था। सांसद सिंह ने कहा कि यह गंभीर घटना है। फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही स्पस्ट रूप से दिख रही है। जांच होने तक फैक्टरी को सील किया जाएगा और जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों पर कार्यवाई होगी।


फैक्ट्री में पाई गई यह लापरवाही


एलुमिना प्लांट में करीब 300 मजदूर काम करते हैं, लेकिन सेफ्टी मैनेजर पद है ही नहीं। रेस्क्यू के दौरान मजदूरों को यात्री गाड़ी से लाया गया। एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं मिली। फैक्ट्री का संचालन का जिम्मा ठेके पर दिया गया था, लेकिन मशीनरी क्षमता की जानकारी नहीं दी गई।

तकनीकी पहलुओं की जांच

फैक्ट्री में कार्य करने वाले श्रमिकों ने बताया कि जो हॉपर गिरा है, उसमें पहले 30 प्रतिशत कोयला एवं 70 प्रतिशत भूसा मिक्स कर डाला जाता था। 01 सितंबर से एलुमिना का उत्पादन बढ़ाने के लिए हॉपर में सिर्फ कोयला डाला जाने लगा।
    माना जा रहा है कि सिर्फ कोयला डालने से हॉपर ओव्हरलोड हो गया और ओव्हरलोडिंग के कारण बेल्ट शुरू होते की हॉपर गिर गया।