Current Date:02 Jun 2026





22 दिनों बाद आज संदीप के शव का हुआ अंतिम संस्कारः हिन्दू रीति-रिवाज से दफनाया गया शव

जिले के तीनों विधायक सर्व आदिवासी समाज सहित काफी संख्या में ग्रामीण जन हुए उपस्थित

22 दिनों बाद आज संदीप के शव का हुआ अंतिम संस्कारः हिन्दू रीति-रिवाज से दफनाया गया शव
सीजी टुडे 24

सरगुजा के राजमिस्त्री संदीप लकड़ा के शव को अंतिम संस्कार गृहग्राम बेलजोरा में शनिवार को हिन्दू रीति रिवाज से किया गया। संदीप की हत्या के विरोध में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हुआ। अंतिम संस्कार में विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रबोध मिंज सहित सर्व आदिवासी समाज के लोग सहित ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। बेलजोरा में सुबह से ही फोर्स तैनात रही।

सीतापुर थानाक्षेत्र में तीन माह से लापता संदीप लकड़ा का शव मैनपाट में पानी टंकी की नींच में दफन मिला था। 06 सितंबर को पुलिस ने नल-जल योजना की पानी टंकी को ढहाकर शव बरामद किया था। मामले में पुलिस ने संदीप लकड़ा की हत्या के आरोप में पुलिस ने ठेकेदार प्रत्युश पांडेय, गौरी पांडेय सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय अब तक फरार है।

आंदोलन समाप्त होने के बाद सौंपा गया शव संदीप लकड़ा के लापता होने के बाद कई बार शिकायत के बाद भी सीतापुर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी सहित दो करोड़ मुआवजा व पत्नी को नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने अनिश्चित कालीन आंदोलन 12 सितंबर से शुरू किया था।


/श्रद्धांजलि के बाद दफनाया गया संदीप का शव /

बेलजोरा में संदीप लकड़ा का शव पहुंचा। परिजनों ने पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए शव की पेटी को खोलने की मांग की। मौके पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण की आशंका को देखते हुए इसकी इजाजत नहीं दी। श्रद्धांजलि सभा के बाद हिंदू रीति-रिवाज के साथ संदीप लकड़ा का शव दफन किया गया। अंतिम संस्कार के पूर्व पुलिस बल भी गांव में तैनात किया गया था। हालांकि कोई विवाद की स्थिति नहीं बनीं।

/अनुसूचित जनजाति आयोग करेगा पूछताछ/

मामले में आईजी ने तत्कालीन थाना प्रभारी जॉन प्रदीप लकड़ा, विवेचना अधिकारी रमेश चंद्र राय व प्रधान आरक्षक रूपेश महंत को सस्पेंड किया है। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामला परिजनों की शिकायत पर संज्ञान में लिया है एवं पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। जिनसे पूछताछ की जाएगी, उनमें एडिशनल एसपी, एसडीओपी, सीतापुर के दो थानेदार, जांच अधिकारी शामिल हैं।