Current Date:01 Jun 2026





कौन बनेगा मुख्यमंत्री- : लोकसभा चुनाव 2024 को दृष्टिगत रखकर बनाएगी भाजपा मुख्यमंत्री का चेहरा

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कौन बनेगा मुख्यमंत्री- : लोकसभा चुनाव 2024 को दृष्टिगत रखकर बनाएगी भाजपा मुख्यमंत्री का चेहरा
छत्तीसगढ़ टुडे 24 राजीव कश्यप
छत्तीसगढ़ में भाजपा की अगली सरकार में मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में भी छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के नेताओं व राजनीति से संबंध रखने वाले लोगों सहित आम जनों में भी लगातार उत्सुकता एवं टकटकी निगाहें  लगी हुई हैं अनुमान लगाया जा रहा है कि  यह सस्पेंस व ऊहापोह की स्थिति लगभग आज  खत्म हो जाएगी। सुत्रों की मानें तो दिल्ली में पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री का नाम और सरकार का पूरा स्वरुप फाइनल कर लिया गया है।कुछ वरिष्ठ पार्टी नेताओं के अनुसार राज्य में सरकार का स्वरुप जातिगत और सामाजिक समीकरण के साथ ही 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
संगठन व पार्टी की माने तो   छत्तीसगढ़ में सरकार का जो फार्मूला तय किया गया है वह थोड़ा सा चौंकाने वाला है। चुनाव परिणाम आने के बाद से रेणुका सिंह के समर्थक उनका नाम मुख्यमंत्री के रुप में चला रहे हैं तो कई रमन सिंह को स्वाभाविक तौर पर मुख्यमंत्री मान कर चल रहे हैं वहीं संगठनात्मक दृष्टिकोण से जहां अरुण साव को देखा जा रहा है  वहीं  सरल सहज व दो बार प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके जशपुर जिले से विष्णु देव साय को मानकर चल रहे है तो एक धडा एक समय  संघर्षशील वह मुख्यमंत्री के कथित तौर पर पावर रखने वाले  वह राज्यसभा जैसे सांसद की गरिमा को छत्तीसगढ़ की ओर से  सुशोभित कर चुके पाल के लाल के नाम से जाने माने वाले बलरामपुर-रामानुजगंज के राम विचार नेताम को भी एक चेहरा  माना जा रहा है जिनका एक समय नारा चला था कि आंधी नहीं तूफान है राम विचार नेताम है वही जिस तर्ज पर भाजपा चल रही है और टिकट वितरण में भी एजुकेटेड लोगों को प्राथमिकता दी ऐसे में नौकरी छोड़कर आए और प्रखर बुद्धि वर्ग के ज्ञाता के रूप में से एक समझे जाने वाले जो प्रशासन के .हर एक पहलुओं से भली भांति अवगत होने के साथ-साथ राजनीतिक मामलों में भी अपनी सकारात्मक वह एक नवाचार सोच रखने वाले  आईएएस ओपी चौधरी को ही अभी तक का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
      सर्व विदित हो कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया में रामानुजनगर  की तेज तर्रार नेता और भरतपुर सोनहत जिले की विधायक रेणुका सिंह का नाम आगे होने का दावा किया जा रहा है बता दें कि  यह वही तेज तर्रार महिला हैं जो शेरनी -ए- प्रेमनगर के नाम से जानी जाती थी और प्रशासन में काम करने का एक अलग ही रुतबा रखने की छाप के लिए जानी जाती हैं और 90-95 के दशक से जब सक्रिय राजनीति में  महिलाओं की भागीदारी कम ही रहती थी तब इन्होंने महिलाओं के लिए एक मिसाल सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए स्थापित किया था 
            इधर  खबर चलते ही रेणुका सिंह के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पर एक अपुष्ट सूत्रों की माने तो पार्टी संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि रेणुका को मुख्यमंत्री बनाए जाने का सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि जब 2003 में प्रदेश में बनी पहली भाजपा सरकार में रेणुका सिंह को महिला बाल विकास मंत्री बनाया गया था, तो उनसे महज दो-ढाई साल में ही उनकी जगह लता उसेंडी को मंत्री बना दिया गया। ऐसे में उन्हें इस बार सीधे मुख्यमंत्री कैसे बना दिया जाएगा। वो भी तब जब मार्च के फर्स्ट सप्ताह में ही लोकसभा चुनाव का ऐलान हो जाएगा। जाहिर है, अगले महीने से लोकसभा चुनाव की तैयारी पार्टी शुरू कर देगी। ऐसे में क्या ?? बीजेपी ऐसे नेता को राज्य की कमान सौंपेंगी, जो लोकसभा चुनाव में दमदारी से पार्टी का नेतृत्व करे। और 11 में  कम-से-कम आठ- नौ  सीटें संभाग से दिला सके ।
शीर्ष नेतृत्व की नजर लोकसभा 2024 पर रहेगा मुख्यमंत्री व कैबिनेट का मुख्य फोकस
छत्तीसगढ़  का मुख्यमंत्री और कैबिनेट, नजर 2024 पर रहेगा  मुख्यमंत्री और कैबिनेट छत्तीसगढ़ के लिए बनना है, लेकिन पार्टी की नजर 2024 के चुनाव पर है। लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया मार्च 2024 से शुरू हो जाएगी, ऐसे में मात्र 3 से 4 महीने का वक्त है। ऐसे में पार्टी किसी भी वर्ग को नाखुश करना नहीं चाह रही है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में जो नाम हैं उनमें ओपी चौधरी डॉ. रमन सिंह, राम विचार नेताम, अरुण साव, रेणुका सिंह और विष्णु देव साय मुख्य हैं हालांकि गोमती साय और लता उसेण्डी को भी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के बेहद भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार पार्टी ने राज्य कैबिनेट का फार्मूला तय किया है उसमें एक सीएम के साथ 2 डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं  वहीं, विधानसभा  अध्यक्ष के पद के लिए भी एसटी के साथ ओबीसी के नाम पर विचार किया गया है 
    खैर अब तो केवल और केवल आला कमान  के फैसले का इंतजार प्रत्याशियों के अलावा मुख्यमंत्री के चेहरों को तो है ही वहीं उनके समर्थकों व कार्यकर्ताओं तथा प्रदेश वासियों के मन में भी उत्सुकता बनी हुई है और लगातार एक दूसरे से संपर्क कर निर्णय का जानकारी ले रहे हैं सर्द मौसम में भी मुख्यमंत्री के घोसड़ा को लेकर लोगों में गर्मी का एहसास देखा जा रहा है