Current Date:02 Jun 2026


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सरगुजा के मैनी नदी में अचानक बाढ़ आने से मां -बेटी, दादी - पोती सहित चार लोगों का बहनें के 24 घंटा बीतने के बाद भी नहीं लगा पाया कोई सुराग

शासन प्रशासन अपनी पूरी ताकत से कर रही है शव ढूंढने का प्रयास

सरगुजा के मैनी नदी में अचानक बाढ़ आने से मां -बेटी, दादी - पोती सहित चार लोगों का बहनें के 24 घंटा बीतने के बाद भी नहीं लगा पाया कोई सुराग
सीजी टुडे 24 राजीव कश्यप


छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में मैनी नदी में आज सुबह अचानक बाढ़ आने के चलते दो मासूम सहित चार बह गए। 
इस घटना में बहे मां बेटी और दादी पोती का 24 घंटा बीतने से भी ज्यादा समय हो जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सीतापुर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि करजू चौकी के ग्राम ढोढागांव निवासी पवनावती नागवंशी 25 वर्ष अपनी 3 साल की बेटी एरियास को गोद में लेकर और पड़ोस की महिला सोनारी नागवंशी 50 वर्ष, अपनी 5 वर्षीया पोती अनिका के साथ घटना दिवस 19 जून को गांव के मैनी नदी को पार कर खुखड़ी लेने जा रहे थे। उपरी इलाके में बारिश होने के कारण नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे मां बेटी, दादी - पोती बह गए। नदी के किनारे मौजूद लोगों ने उन्हें बहता देखा तो शोर मचाने के साथ बचाने का भी प्रयास किया मगर तेज भाव के चलते चारों नजर से ओझल हो चुके थे और उनका कोई सुराग 
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इस घटना में बहे मां बेटी और दादी पोती का 24 घंटा बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सीतापुर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि करजू चौकी के ग्राम ढोढागांव निवासी पवनावती नागवंशी 25 वर्ष अपनी 3 साल की बेटी एरियास को गोद में लेकर और पड़ोस की महिला सोनारी नागवंशी 50 वर्ष, अपनी 5 वर्षीया पोती अनिका के साथ घटना दिवस 19 जून को गांव के मैनी नदी को पार कर खुखड़ी लेने जा रहे थे। उपरी इलाके में बारिश होने के कारण नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे मां बेटी, दादी - पोती बह गए। नदी के किनारे मौजूद लोगों ने उन्हें बहता देखा तो शोर मचाने के साथ बचाने का भी प्रयास किया मगर तेज भाव के चलते चारों नजर से ओझल हो चुके थे और उनका कोई सुराग नहीं मिला।

सूचना पर पुलिस की टीम, ग्रामीण के साथ एसडीआरएफ की टीम के द्वारा आज दूसरे दिन 20 जून को भी अभियान चलाया गया मगर पानी में बहे लोगों को नहीं ढूंढा जा सका। इस घटना से परिजनों में दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है। किसी अनहोनी की आशंका से परिजन सहमे हुए हैं और पानी में बहे लोगों की कुशलता की कामना ईश्वर से कर रहे हैं। इधर गांव के वरिष्ठ लोगों के द्वारा पानी का तेज बहाव और उफान को देखते हुए बहे लोगों के बचने की संभावना कम जताई है